CNIN News Network

हो रहे बारिश के बीच ही सिंचाई पानी देने गंगरेल का पट खुला

30 Aug 2026   3 Views

हो रहे बारिश के बीच ही सिंचाई पानी देने गंगरेल का पट खुला

Share this post with:

रायपुर। बारिश का दौर अभी जारी है और मौसम विभाग ने आगामी 3 सितंबर तक बारिश का अलर्ट भी जारी किया है पर इस बीच ही सिंचाई पानी की कथित मांग पर सिंचाई पानी देने गंगरेल का पट खोल दिया गया है। इसे ले किसानों में मिश्रित प्रतिक्रिया है। जानकारी के अनुसार लगभग 25 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
ज्ञातव्य हो कि अल-नीनो के प्रभाव से देश में सूखे की भविष्यवाणी के चलते चिंतित प्रदेश के किसानों पर इंद्र देव की कृपा से हो रहे व्यापक बरसात ने अभी तक किसानों को कम से कम बांधों से सिंचाई पानी की जरूरत महसूस नहीं होने दी है बल्कि वे मौसम न खुलने व लगातार बदली की वजह से कीट प्रकोप की आंशका से आशंकित हैं और कहीं - कहीं छिटपुट कीट प्रकोप शुरू होने की भी समाचार मिलना शुरू हो चला है। इधर गंगरेल से पानी छोड़े जाने के समाचार मिलने पर किसानों में व्यापक मिश्रित प्रतिक्रिया हो रही है। अधिकतर किसानों का कहना है कि फिलहाल छोड़े गये पानी का अधिकांश हिस्सा व्यर्थ नदी - नालों में जावेगा और वे ही किसान फिलहाल पानी की मांग कर रहे हैं जो अपनी लापरवाही की वजह से बरसाती पानी को अपने खेतों में सहेज रखने में कोताही बरते हैं। इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पलारी क्षेत्र की मांग पर गंगरेल से यह पानी छोड़ा गया है। इस संबंध में रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेंद्र शर्मा ने कहा है कि इस साल धान बुवाई काफी आगे पीछे हुआ है और इस वजह से भविष्य में बरसात न होने की स्थिति में काफी लंबे समय तक बांध से सिंचाई पानी की जरूरत पड़ेगी। किसानों से चर्चा पश्चात् उन्होंने बताया है कि फिलहाल जिले के अपवादस्वरूप किसानों को छोड़ अधिकांश किसान सिंचाई पानी की सामयिक आवश्यकता महसूस नहीं कर रहे और बांध से छोड़े जा रहे पानी का अधिकतम हिस्सा नदी - नालों में व्यर्थ जावेगा क्योंकि सिंचाई विभाग के पास इसे रोकने मैदानी अमलों की नितांत कमी के साथ - साथ अनेकों वितरक शाखाओं , माइनरों व आउटलेटों में देखरेख व सामयिक मरम्मत के अभाव में पानी रोकने की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13944/16

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web