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वृंदावन। भीषण गर्मी के बीच वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम से आई एक खबर ने लाखों भक्तों को भावुक कर दिया। संत प्रेमानंद महाराज ने अपने अनुयायियों से ऐसी बातें कहीं, जिन्हें सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
उन्होंने कहा, 'हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें... लेकिन गुरुदेव हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे। इसके बाद उन्होंने मौन धारण कर एकांतवास पर जाने का निर्णय ले लिया।
करीब दस दिनों से स्वास्थ्य कारणों के चलते उनकी पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और वार्ता बंद थी, लेकिन रविवार शाम आश्रम की ओर से जारी वीडियो ने भक्तों के दिलों को और गहराई से छू लिया। वीडियो में संत प्रेमानंद बेहद भावुक स्वर में अपने अनुयायियों को समझाते नजर आए कि उनका मौन और एकांतवास किसी दूरी का संकेत नहीं, बल्कि भक्तों के कल्याण के लिए एक साधना है।
उन्होंने कहा, 'यह चिंता मत करो कि तुम्हारा उत्थान कैसे होगा। बिना बोले भी तुम्हारे दिमाग में तुम्हारे गुरुदेव रहेंगे। हम चाहते हैं कि सबको श्रीजी की कृपा प्राप्त हो। संत के इन शब्दों ने सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों को भावुक कर दिया। कई भक्तों ने इसे गुरु और शिष्य के रिश्ते की सबसे आत्मीय अभिव्यक्ति बताया।
संत प्रेमानंद ने अपने संदेश में भक्तों से नाम जप, भजन और राधारानी के आश्रित रहने की बात कही। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह मौन स्थायी नहीं है और समय आने पर वे स्वयं इसकी जानकारी देंगे। लेकिन जाते-जाते उनकी एक बात हर भक्त के मन में गूंजती रह गई, 'हम सामने आएं या न आएं, तुम्हारे विचारों में हमेशा रहेंगे।
उधर, श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने भी श्रद्धालुओं से अपील जारी की है। आश्रम ने कहा कि भीषण गर्मी और संत प्रेमानंद की अनिश्चितकालीन एकांत साधना को देखते हुए भक्त अगली सूचना तक आश्रम आने से परहेज करें। बावजूद इसके, देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार आश्रम पहुंच रही है।
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