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* संजय दुबे
जिस तरह सूर्यकुमार यादव हिंदुस्तान को अपनी कप्तानी में पुरुष क्रिकेट टीम को टी ट्वेंटी का विश्वकप जिताए थे उस हिसाब से भले ही कप्तान अच्छे साबित हुए थे लेकिन बैटिंग में कमजोर साबित हुए थे। परिणाम भी जल्दी सामने आया कि कप्तानी तो गई ही गई टीम से भी बाहर हो गये।ऐसी ही स्थिति महिला क्रिकेट टीम की अब भूतपूर्व कप्तान कही जाने वाली हरमनप्रीत कौर के सामने है। हरमन के नेतृत्व में महिला क्रिकेट टीम ने 2025 का एकदिवसीय विश्व कप जीता है इसके अलावा हाल ही संपन्न हुए एशियाई खेलों में टीम ने गोल्ड मेडल भी जीता है। इन दोनों जीत में यदाकदा हरमन का बेट चला। यही वजह थी कि उनके हाथों से कप्तानी निकली। मिताली राज के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद हरमनप्रीत कौर को कप्तानी मिली थी। कप्तान के साथ उप कप्तान रहता ही है ये जिम्मा स्मृति मांधना को मिला। पिछले कुछ सालों से हिंदुस्तानी महिला क्रिकेट टीम के बैटिंग का बोझ स्मृति मांधना बहुत ही बेहतर ढंग से निभा रही है।टीम की जीत का बहुत बड़ा दारोमदार स्मृति पर ही रहता है वे निभाती भी है।
हरमनप्रीत को कप्तानी से हटाने का कारण स्मृति मांधना को कप्तान बनाया जाना नहीं था।अगर हरमन जिस क्रम पर बैटिंग करती है उस क्रम में ओपनर्स द्वारा बेहतर रन औसत बनाए जाने पर या औसत बिगड़ जाने की दोनों स्थिति में औसत को बढ़ाने की होती है,हरमन कुछ एक अवसर को छोड़ ऐसा नहीं कर पा रही थी। इसके अलावा उनकी उम्र भी खिलाड़ियों के हिसाब से उस मुहाने पर पहुंच चुकी है जहां शरीर से ज्यादा अनुभव के बल पर खेल खेला जाता है। हरमनप्रीत ने अपने कैरियर में एक गलती की वे आल राउंडर थी।स्पिन बॉलिंग भी करती थी। फिलर थी मौका पढ़ने पर दो ओवर फेंक सकती थी लेकिन कप्तान बनने के बाद उन्होंने बॉलिंग बंद ही कर दिया।
अब अधिकृत रूप से स्मृति मांधना कप्तान है।टी ट्वेंटी में वे आईपीएल टूर्नामेंट में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तान है। बतौर कप्तान वे विराट कोहली वाली पुरुष टीम से पहले आईपीएल ट्रॉफी जीत चुकी है।लेफ्ट हैंड बैटिंग करती है।शानदार ओपनर है। ये जरूर है कि हिंदुस्तान महिला क्रिकेट टीम में आक्रमक कप्तान की जगह ले रही है। उनकी कप्तानी की शुरूआत छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर से हो रही है। 9 टेस्ट120 वनडे और179 टी ट्वेंटी मैच खेल चुकी है।ग्यारह हजार रन उनके खाते में है। एक कप्तान के पास जितना अनुभव होना चाहिए उससे ज्यादा है।उनके सामने चुनौती है तो हरमन प्रीत कौर के द्वारा हासिल सफलता को आगे ले जाने का क्योंकि हरमनप्रीत कौर ने अपनी कप्तानी में देश को विश्व विजेता बनाया है। एशियाई खेलों में दो बार गोल्ड मेडल दिलाया है। चार बार एशिया कप जितवाया है। स्मृति को टीम अच्छी मिली है और सबसे सकारात्मक बात कि कोच अमोल मजूमदार मिले है। स्मृति मांधना को नई शुरूआत की बधाई शुभ कामनाएं
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