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बीजापुर। सोशल मीडिया पर प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, गंगालूर से जुड़ा वायरल वीडियो को लेकर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए इसे भ्रामक बताया है। विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो वर्तमान शिक्षा सत्र 2026-27 का नहीं, बल्कि वर्ष 2025-26 के पिछले सत्र का पुराना वीडियो है, जिसे वर्तमान स्थिति से जोड़कर प्रसारित किया जा रहा है।
सहायक आयुक्त से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि वायरल वीडियो में छात्र बड़े बर्तनों (गंजी के टब) में भोजन करते और छात्रावास में अव्यवस्था दिखाई दे रही है। विभाग के अनुसार यह स्थिति वर्तमान में नहीं है, तथा अब छात्रावास में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रावास में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त संख्या में भोजन की थालियां उपलब्ध करा दी गई हैं। भोजन वितरण एवं बैठकर भोजन करने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में छात्रावास में वीडियो में दिखाई गई जैसी कोई स्थिति नहीं है और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में आमजन एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की गई है कि पुराने वीडियो को वर्तमान घटनाक्रम से जोड़कर भ्रम न फैलाएं तथा बिना सत्यापन के ऐसे वीडियो साझा करने से बचें। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग ने कहा है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवास, पौष्टिक भोजन एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। समस्त विभागीय छात्रावास-आश्रम का नियमित निरीक्षण जिला स्तरीय नोडल अधिकारी द्वारा किया जाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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