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सोने चांदी के धागों, हीरे, माणक मोती जडि़त वस्त्रों से सजाई तीर्थंकरों की प्रतिमाएं

13 Sep 2026   29 Views

सोने चांदी के धागों, हीरे, माणक मोती जडि़त वस्त्रों से सजाई तीर्थंकरों की प्रतिमाएं

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00 पर्युषण पर्व के लिए अहमदाबाद सूरत पालीताना तीर्थ से मँगवाए वस्त्रों से सुशोभित होते हैं भगवान व दादागुरुदेव
00 विश्व प्रेम भाईचारे सहिष्णुता व श्रेष्ठ क्षमा का संवत्सरी महापर्व 15 सितम्बर को, 16 को सामुहिक क्षमापना
रायपुर। खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी द्वारा प्रतिष्ठित श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व चमत्कारी श्री जिनकुशल सुरि जैन दादाबाड़ी, भैरव सोसायटी में पर्युषण पर्व पर श्री सीमंधर स्वामी, तीर्थंकरों व दादागुरुदेव की प्रतिमाओं को सजाने के लिए आंगी वस्त्र लगाए जाते हैं। 
श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि आंगी संरचना प्रभु भक्ति व कला का अनूठा संगम है। आंगी का अर्थ है कि भगवान के शरीर को चंदन केसर, सोने चांदी के बरक और हीरे जवाहरात माणक मोती आभूषणों से सुंदर व कलात्मक ढंग से सजाकर परमात्मा के समवसरण व अतिशय को प्रदर्शित करना है। कोचर ने बताया कि चंदन केसर प्रभु की शीतलता व सुगन्ध प्रभु की वीतरागता और शांत स्वभाव को दर्शाते हैं। सोने का सुनहरा रंग प्रभु के केवलज्ञान के दिव्य प्रकाश व चांदी का रंग आत्मा की परमशान्ति व पवित्रता को दर्शाता है। 

सोने चांदी के धागों, हीरे, माणक मोती जडि़त वस्त्रों से सजाई तीर्थंकरों की प्रतिमाएं

ट्रस्टी नीलेश गोलछा ने बताया कि प्रतिमाओं की सजावट हेतु सामग्री व अहमदाबाद, सूरत व पालीताना तीर्थ से विशेष वस्त्र मँगवाए गए हैं जोकि सोने चांदी के धागो, हीरे माणक मोती से जडि़त हैं। पर्युषण पर्व के छठवें दिन श्री सीमंधर महिला मण्डल की श्रीमती पूनम बरमट व राधिका सेठिया द्वारा तपस्वियों के अनुमोदनार्थ प्रभुभक्ति रखी गई है। महेन्द्र कोचर ने आगे बताया कि 15 सितंबर को संवत्सरी महापर्व मनाया जाएगा। प्रात: पोषध व्रत , बारसा सूत्र का वांचन होगा। भगवान का जन्मकल्याणक , स्नात्र महोत्सव श्री सीमंधर जैन मंदिर में मनाया जाएगा।

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