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सुकमा। जिला प्रशासन सुकमा द्वारा नक्सल पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) सुकमा में आयोजित 31 दिवसीय ड्राइविंग प्रशिक्षण सोमवार को संपन्न हुआ, जिसमें 31 पुनर्वासित प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। ट्रेनर दिलीप साहू के मार्गदर्शन में प्रशिक्षार्थियों को सुरक्षित एवं दक्ष वाहन संचालन के साथ-साथ वाहन मरम्मत की मूलभूत तकनीकी जानकारी भी व्यावहारिक रूप से प्रदान की गई, ताकि वे रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। प्रशिक्षण समापन अवसर पर व्याख्याता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालक खुशाल चंद्र केशरवानी द्वारा सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
इस दौरान आरसेटी सुकमा के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों का उत्साह और आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण रहा कि जिला प्रशासन की यह पहल उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने में सार्थक सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलडीएम मनीष कुमार कुसरो ने कहा कि आरसेटी सुकमा पुनर्वासित युवाओं को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य ऐसे युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना तथा उनके जीवन में नई शुरुआत का अवसर प्रदान करना है। प्रशासन की यह पहल सुकमा में शांति, विकास और समावेशी प्रगति की दिशा में एक सशक्त प्रयास के रूप में लगातार आगे बढ़ रही है।
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