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00 प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल ने कहा : तथ्य सामने आने के बाद कांग्रेस युवाओं से मांगे माफी
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) द्वारा सूबेदार / उप निरीक्षक संवर्ग / प्लाटून कमांडर परीक्षा - 2024 के प्रारंभिक लिखित परिणाम को लेकर जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण ने पूरे विवाद को समाप्त कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन नामों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा था, वे संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा स्वयं ऑनलाइन आवेदन में दर्ज किए गए वास्तविक नाम हैं तथा पूरी भर्ती प्रक्रिया उन्हीं नामों के आधार पर संचालित हुई है। आयोग ने सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक दावों का आधिकारिक रूप से खण्डन किया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर जब परिणाम में कुछ असामान्य नाम सामने आए, तब सामान्य अभ्यर्थियों की तरह उन्हें भी संदेह हुआ। इसलिए उन्होंने स्वयं सीजीपीएससी को टैग करते हुए आयोग से आग्रह किया कि यदि यह तकनीकी या टंकण सम्बन्धी विषय है तो तत्काल सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं के मन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस विषय पर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय संस्थागत स्पष्टता की मांग की थी। आयोग ने अब अधिकृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर दिया है। इसके बाद इस विषय पर किसी प्रकार के घोटाले अथवा हेरफेर के आरोप स्वतः निराधार सिद्ध हो गए हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि कांग्रेस ने आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने आने से पहले ही अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों से इस विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया और युवाओं के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न की। अब जबकि स्वयं संवैधानिक संस्था ने तथ्य स्पष्ट कर दिए हैं, कांग्रेस को अपनी भ्रामक पोस्ट वापस लेकर प्रदेश के युवाओं और अभ्यर्थियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना उचित है, लेकिन तथ्य सामने आने के बाद झूठे नैरेटिव पर अड़े रहना केवल राजनीतिक अवसरवाद है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को बिना आधार के कटघरे में खड़ा करना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि भाजपा पारदर्शिता और जवाबदेही में विश्वास रखती है। किसी भी भर्ती प्रक्रिया में यदि संदेह उत्पन्न होता है तो उसका समाधान होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के बजाय केवल अधिकृत स्रोतों पर विश्वास करें तथा राजनीतिक लाभ के लिए फैलाए जाने वाले दुष्प्रचार से सतर्क रहें।
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