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बालोद। सिपेट, रायपुर द्वारा डीटीआईसी, बालोद के सहयोग से भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की आरएएमपी योजना के तहत ग्रीन पैकेजिंग: एमएसएमई के लिए अवसर और अभ्यास विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम द्वारा प्रायोजित था।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया। डॉ. आलोक साहू, प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं हेड, सिपेट रायपुर ने अतिथियों का स्वागत किया एवं कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। श्री दीपक उपाध्याय, वरिष्ठ सदस्य, लघु उद्योग भारती, श्री संदीप तावरी, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, बालोद एवं श्री राकेश नाहटा, सचिव, राइस मिल एसोसिएशन, बालोद ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और सिपेट के प्रयासों की सराहना की।
विशेषज्ञ वक्ता रेहान अली प्रधान, फाउंडर एवं सीईओ, मेटोल्यूशंस प्रा. लि., बेंगलुरु ने सर्कुलर पैकेजिंग: कृषि उप-उत्पाद को टिकाऊ बायोपॉलिमर में बदलना पर प्रस्तुति दी। मुनेन्द्र साहू, डीटीआईसी, बालोद ने छत्तीसगढ़ शासन की एमएसएमई योजनाओं, श्री भरतेन्द्र नेताम, बीपीओ, एनआरएलएम, बालोद ने फूड और हाइजीन पैकेजिंग का भविष्य, श्री अरविंद तिवारी, असिस्टेंट डायरेक्टर, एमएसएमई, डीएफओ, रायपुर ने भारत सरकार द्वारा एमएसएमई उद्योगों को सहायता और डॉ. राजश्री विजयवर्गीय, रिसर्च एसोसिएट, सिपेट रायपुर ने बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के अनुप्रयोग, परीक्षण और भविष्य विषय पर व्याख्यान दिया।
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