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सिक्खों के पांचवें गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ किया गया नमन

18 Jun 2026   11 Views

सिक्खों के पांचवें गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ किया गया नमन

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रायपुर। सिक्खों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ उन्हें नमन किया गया। देशभर के गुरुद्वारों में शब्द कीर्तन, सुखमनी साहिब पाठ, अरदास तथा ठंडे मीठे शरबत (छबील) का वितरण कर उनकी महान कुर्बानी को स्मरण किया गया।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने इस अवसर पर देशवासियों से श्री गुरु अर्जन देव जी के जीवन, इतिहास और उनके सिद्धांतों का अध्ययन करने तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तथा देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने संदेशों के माध्यम से श्री गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके त्याग, सेवा, सहिष्णुता और मानव कल्याण के संदेश को स्मरण किया है।
सुखबीर सिंघोत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर श्री गुरु अर्जन देव जी के अद्वितीय बलिदान को मानवता, करुणा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके बलिदान को धार्मिक स्वतंत्रता, मानव मूल्यों और अन्याय के विरुद्ध सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा बताया है।

सिक्खों के पांचवें गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ किया गया नमन

समाज ने कहा कि श्री गुरु अर्जन देव जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, समरसता और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जन्म 15 अप्रैल 1563 को हुआ था। उन्होंने सिक्ख धर्म को संगठित स्वरूप प्रदान किया तथा विश्व मानवता को अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर प्रदान की, उनके जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों में पवित्र आदि ग्रंथ का संकलन, हरमंदिर साहिब के निर्माण कार्य को पूर्ण करवाना तथा सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए समानता और भाईचारे का संदेश देना शामिल है।
समाज ने कहा कि मुगल शासनकाल में अन्याय और धार्मिक दबाव के सामने झुकने से इनकार करते हुए श्री गुरु अर्जन देव जी ने 1606 में सर्वोच्च बलिदान दिया। तपते तवे पर बैठाकर और गर्म रेत डालकर दी गई अमानवीय यातनाओं को सहते हुए भी उन्होंने मानवता, धैर्य और ईश्वर में अटूट विश्वास का मार्ग नहीं छोड़ा। इसी कारण उनका बलिदान विश्व इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दिए गए महानतम बलिदानों में गिना जाता है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, समाज के अन्य प्रमुख सदस्यों नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, स्वर्णपाल सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, देवेंद्र सिंह चावला, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, जसप्रीत सिंह चावला, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा, मानवेंद्र सिंह डडियाला एवं अत्तर सिंह के अनुसार श्री गुरु अर्जन देव जी को यातनाएं दी गई थी परंतु उन्होंने इस्लाम धर्म को स्वीकार नहीं किया उनके शब्द थे तेरा भाणा मीठा लागे - नानक नाम पदारथ मांगे और प्राण त्याग दिए | इसी कारण इस दिन सिक्ख समाज द्वारा पूरे देश सहित दुनिया में ठंडा मीठा शरबत वितरण कर उन्हें नमन किया जाता है | इस छबील अर्थात मीठे जल वितरण का उद्देश्य श्री गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना और धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि आज के समय में श्री गुरु अर्जन देव जी के संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। समाज को उनकी शिक्षाओं – सेवा, सरबत दा भला, विनम्रता, सहिष्णुता, सत्य, समानता और मानवता – को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रदेशवासियों सहित समस्त देशवासियों से अपील की है कि वे श्री गुरु अर्जन देव जी के जीवन इतिहास का अध्ययन करें, अपने बच्चों को उनके आदर्शों से परिचित कराएं तथा समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और मानव सेवा की भावना को मजबूत करें।

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