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दंतेवाड़ा। जिले के थाना कुआकोंडा पुलिस ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के लिए बैंक खाते किराये पर उपलब्ध कराने वाले दो म्यूल अकाउंट धारक आराेपियाें दीपेश कुंजाम (22 वर्ष) और चेतन कुंजाम (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़े 5,29,898 रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है। दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(4) और 318(2) के तहत कार्यवाही उपरांत मंगलवार काे न्यायिक अभिरक्षा में रवाना कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल से प्राप्त संदिग्ध म्यूल अकाउंट की सूचना के आधार पर थाना कुआकोंडा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और विस्तृत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी दीपेश कुंजाम (22 वर्ष) और चेतन कुंजाम (23 वर्ष) अपने बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अन्य लोगों को किराये पर उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के अवैध हस्तांतरण और निकासी के लिए किया जाता था। इसके बदले दोनों आरोपी कमीशन के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। वित्तीय जांच में दोनों के खातों में कुल 5.29 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाए जाने के बाद पुलिस ने दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुआकोंडा निरीक्षक भीमार्जुन नाथ तांडी, उप निरीक्षक खोमन सिंह कोर्राम, सहायक उप निरीक्षक संतोष यादव, प्रधान आरक्षक भरत नेताम, मनोज तिवारी तथा आरक्षक संत्यवान कुमार राही का याेगदान रहा ।
दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक या एटीएम कार्ड किराये पर या उपयोग के लिए न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी लालच और कमीशन का झांसा देकर लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए करते हैं, जिससे खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। ऐसे किसी भी प्रस्ताव की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर थाना को देने की अपील की गई है।
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