CNIN News Network

सरकारी योजना से बदली जिंदगी: मड़कम देवा ने झींगा पालन से लिखी सफलता की नई कहानी

01 Jul 2026   10 Views

सरकारी योजना से बदली जिंदगी: मड़कम देवा ने झींगा पालन से लिखी सफलता की नई कहानी

Share this post with:


00 एक साल में 5 लाख की कमाई, दूर-दूर से खरीदने पहुंच रहे ग्राहक
सुकमा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी जैसे आयवर्धक व्यवसायों को लगातार बढ़ावा दे रही है। छत्तीसगढ के सुकमा जिले के दुब्बाटोटा गांव के किसान मड़कम देवा इसकी प्रेरक मिसाल बनकर उभरे हैं। शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने झींगा और मछली पालन शुरू किया और आज आत्मनिर्भर बन चुके हैं।

 सरकारी योजना से बदली जिंदगीः मड़कम देवा ने झींगा पालन से लिखी सफलता की नई कहानी


सरकारी सहायता से मिली नई शुरुआत
मड़कम देवा ने मत्स्य पालन विभाग की योजना के तहत तालाब निर्माण के लिए 7.20 लाख रूपए का ऋण प्राप्त किया, जिसमें 4.20 लाख रुपये का अनुदान शामिल था। इसके अलावा क्रेड़ा विभाग से अनुदान पर सोलर पंप मिलने से उन्हें 24 घंटे सिंचाई और तालाब में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। इससे उनका व्यवसाय शुरू करना आसान हो गया।
प्रशिक्षण और मेहनत ने दिलाई बड़ी सफलता
मड़कम देवा ने कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विभाग से आधुनिक मत्स्य पालन का प्रशिक्षण लिया। वैज्ञानिक तरीके से झींगा और मछली पालन करने का परिणाम यह रहा कि इस वर्ष जून माह में उन्होंने लगभग 2.50 क्विंटल झींगा और 15 क्विंटल मछली का उत्पादन कर करीब 5 लाख रूपए की आय अर्जित की। उनके झींगा और मछली की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि आसपास ही नहीं, दूर-दूर से लोग दुब्बाटोटा पहुंचकर खरीदारी करते हैं।

 सरकारी योजना से बदली जिंदगीः मड़कम देवा ने झींगा पालन से लिखी सफलता की नई कहानी


रायपुर में हुआ सम्मान
झींगा पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने मड़कम देवा को सम्मानित किया। यह सम्मान उनकी मेहनत और शासकीय योजनाओं के प्रभावी उपयोग का प्रमाण है।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा स्रोत
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि सुकमा में मीठे पानी के झींगा पालन की अपार संभावनाएं हैं। मड़कम देवा जैसे किसान आज जिले के युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसान पारंपरिक खेती के साथ मत्स्य और झींगा पालन जैसे लाभकारी व्यवसायों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाएं।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13843/16

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web