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00 नकना से पहाड़पारा तक 6.30 किलोमीटर सड़क का निर्माण, 130 की आबादी को मिली बेहतर आवागमन की सुविधा
रायपुर। दूरस्थ जनजातीय बसाहट तक पहुंची एक सड़क वहां के लोगों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और जरूरी सेवाओं तक पहुंच की नई राह भी है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत नकना से पहाड़पारा तक 6.30 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण से लगभग 130 की आबादी वाली दूरस्थ जनजातीय बसाहट को बेहतर सड़क संपर्क मिला है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत इस सड़क के निर्माण के लिए 482.57 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार से वित्तपोषित इस कार्य से दूरस्थ क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह की बसाहट तक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच मजबूत हुई है।

दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क संपर्क का सीधा असर ग्रामीणों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ता है। नकना से पहाड़पारा तक सड़क बनने से ग्रामीणों को स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, हाट-बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक आने-जाने में सुविधा मिल रही है। आपात स्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के साथ दैनिक जरूरतों के लिए आवागमन भी आसान हुआ है। बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को कृषि एवं वनोपज के परिवहन में भी सुविधा मिल रही है। इससे पहाड़पारा और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों तक सड़क सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है। नकना-पहाड़पारा सड़क इसी दिशा में महत्वपूर्ण अधोसंरचना के रूप में ग्रामीणों के जीवन को सुगम बना रही है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत नकना-पहाड़पारा सड़क की यह सेवा की कहानी दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क से आ रहे बदलाव को सामने लाती है। 6.30 किलोमीटर की यह सड़क पहाड़पारा को मुख्य सड़क संपर्क से जोडऩे के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को अधिक सुगम बना रही है।
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