Share this post with:
बीजापुर। जिले के उसूर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले रायगुड़ा गांव में सड़क नहीं होने के कारण बीती रात में एक बीमार मरीज तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। मजबूरन ग्रामीणों और 108 एम्बुलेंस स्टाफ को मरीज को करीब 7 किलोमीटर तक खेतों और कच्चे रास्तों से खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ा, जहां से उसे एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। नक्सलवाद से पांच दशकों से प्रभावित रहे बस्तर के अंदरूनी गांवों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। आपातकालीन स्थिति में भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। बरसात के मौसम में गांव का संपर्क और भी कठिन हो जाता है, जिससे बीमारों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रायगुड़ा तक सर्व मौसम सड़क का निर्माण कराने और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह खाट पर ढोने की नौबत न आए।
इस मामले में एसडीएम उसूर भूपेंद्र कुमार गावरे ने कहा कि यह मामला मीडिया के माध्यम से आया है, मैं इसकी जांच करवाता हूं। इसके बाद जो भी प्रक्रिया होगी, उसे संबंधित विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर पूरी कराई जाएगी।
Share this post with:
18 Jul 2026 44 Views
18 Jul 2026 47 Views
18 Jul 2026 59 Views
18 Jul 2026 117 Views