CNIN News Network

श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करें- अग्रवाल

06 Sep 2026   11 Views

श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करें- अग्रवाल

Share this post with:

00 जशपुर के रंजीता स्टेडियम में उमड़ा आस्था और उत्साह का सैलाब, गोविंदाओं ने दिखाया साहस और सामूहिक शक्ति
जशपुर। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर जशपुर के रंजीता स्टेडियम में आयोजित भव्य दही हांडी उत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सम्मिलित हुए। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों की मौजूदगी में उत्सव का उल्लास देखते ही बना। पूरे स्टेडियम परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं और गोविंदाओं का उत्साहवर्धन किया तथा सभी को दही हांडी उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। दही हांडी जैसे पारंपरिक उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।

 पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल दही हांडी उत्सव में हुए सम्मिलित

गोविंदाओं ने दिखाया साहस और सामूहिक शक्ति
उत्सव का मुख्य आकर्षण गोविंदा टोलियों द्वारा दही हांडी फोडऩे का रोमांचक प्रदर्शन रहा। एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर ऊंचाई तक पहुंचते गोविंदाओं ने साहस, विश्वास, अनुशासन और सामूहिक प्रयास का शानदार परिचय दिया। दही हांडी फूटते ही पूरा स्टेडियम जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव और मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति, सहयोग और विश्वास का प्रतीक है। जब समाज एकजुट होकर लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता है, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। गोविंदाओं की टोली का प्रत्येक सदस्य एक-दूसरे पर विश्वास करते हुए सामूहिक प्रयास करता है और यही एकजुटता समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विविधतापूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों से है। दही हांडी जैसे उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा, हमारी संस्कृति हमारी पहचान है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि इन परंपराओं को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश में समाज को सही दिशा देने की अद्भुत शक्ति है। प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य और लोककल्याण के उनके आदर्श आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं।
भक्ति के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
रंजीता स्टेडियम में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्सव में शामिल हुए। गोविंदाओं की टोलियों के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। मंत्री अग्रवाल ने कहा, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोडऩे का कार्य करते हैं। ऐसे अवसरों पर लोग अपने मतभेद भुलाकर एक साथ उत्सव मनाते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है। हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर प्रेम, शांति और भाईचारे को आगे बढ़ाना चाहिए।

 पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल दही हांडी उत्सव में हुए सम्मिलित


आयोजकों, श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों को दी शुभकामनाएं
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दही हांडी उत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, गोविंदा टोलियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि जशपुर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं जिले की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे आयोजन जशपुर की सांस्कृतिक जीवंतता को प्रदेश और देश के सामने प्रस्तुत करने के साथ सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करते हैं। दही हांडी उत्सव के दौरान कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों और भजनों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। तेरे नैना हेरत हेरत, माखन चुराए नंदलाल जैसे भक्ति भाव से वातावरण गूंजता रहा। उमंग, उल्लास और कृष्ण भक्ति से सजे इस भव्य उत्सव ने जशपुर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13997/18

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web