CNIN News Network

श्रावण में बदल जाएगी महाकाल मंदिर की व्यवस्था, रोज दो लाख श्रद्धालु करेंगे दर्शन

28 Jul 2026   19 Views

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग।  फाइल फोटो
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग। फाइल फोटो

Share this post with:

 

0-सावन में रविवार को रात 2:30 बजे और अन्य दिन रात 3 बजे पट खुलेंगे

0-अभिषेक, पूजन और विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के बाद दर्शन रात 10 बजे तक चलेंगे

 

 

उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद मास शुरू होते ही उज्जैन एक बार फिर शिवमय हो जाएगा। 30 जुलाई से सात सितंबर तक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर की दर्शन व्यवस्था, समय-सारिणी, सुरक्षा, यातायात और प्रवेश व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं।

भगवान महाकाल की दिनचर्या सामान्य दिनों की तुलना में पहले शुरू होगी। दर्शन के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की गई है और यातायात संचालन भी विशेष प्लान के तहत होगा। सामान्य दिनों में महाकाल मंदिर के पट सुबह चार बजे खुलते हैं, लेकिन श्रावण-भाद्रपद मास में प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे तथा अन्य दिनों में रात तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे।

इसके बाद अभिषेक, पूजन और विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती होगी। भस्म आरती में अनुमति प्राप्त लगभग 1700 श्रद्धालु नंदी, गणेश और कार्तिकेय मंडपम में बैठकर दर्शन करेंगे, जबकि अन्य श्रद्धालुओं को चलायमान व्यवस्था से दर्शन कराए जाएंगे। दर्शन का क्रम रात 10 बजे तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान मंदिर प्रतिदिन औसतन 19 घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।

भीड़ प्रबंधन को देखते हुए मंदिर समिति ने प्रवेश व्यवस्था भी श्रेणीवार तय की है। सामान्य नि:शुल्क दर्शनार्थियों को श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार से प्रवेश मिलेगा। 250 रुपये के शीघ्र दर्शन के लिए हरसिद्धि चौराहा और अवंतिका द्वार निर्धारित किए गए हैं। प्रोटोकॉल के तहत आने वाले श्रद्धालु नीलकंठ द्वार से प्रवेश करेंगे। कांवड़ यात्रियों के लिए भी अलग व्यवस्था रहेगी तथा सशुल्क और सामान्य दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग बनाई जाएगी।

श्रावण-भाद्रपद के दौरान भगवान महाकाल की छह पारंपरिक सवारियां निकलेंगी। चार सवारियां श्रावण और दो भाद्रपद मास में होंगी। इस वर्ष प्रत्येक सवारी को अलग धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक थीम पर सजाया जाएगा। सभी सवारियां शाम चार बजे परंपरागत मार्ग से निकलेंगी। वहीं प्रत्येक शनिवार को श्री महाकाल महालोक स्थित त्रिवेणी कला संग्रहालय में 21वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव के तहत शास्त्रीय संगीत, नृत्य और गायन की प्रस्तुतियां भी होंगी।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13910/69

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web