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00 बुजुर्गों की संस्था सहयोग का हर सदस्य करेगा मोबाइल उपवास, बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
रायपुर। वर्तमान युग में मोबाइल के बिना जीवन की कल्पना असंभव प्रतीत होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। हम उस युग के लोग हैं, जिन्होंने अपने युवावस्था में मोबाइल जैसे संसाधन नहीं देखे। जब मोबाइल आया, तो हम लोग युवावस्था के अंतिम पड़ाव पर हुआ करते थे, ऐसे में बिना मोबाइल के भी हमारा कार्य चलता था, फिर आज हम इसके आदी क्यों हो रहे हैं। कहीं न कहीं हमें देखकर हमारे नाती- पोते भी मोबाइल देखते हैं। ज्यादातर घरों पर बच्चे अपने दादा-दादी का मोबाइल ही देखते हैं। वरिष्ठ नागरिकों की संस्था सहयोग की मासिक बैठक में अध्यक्ष अपर्णा कालेले ने इस आशय के विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर सभी सदस्यों ने सप्ताह में एक दिन मोबाइल उपवास करने का संकल्प लिया।
महाराष्ट्र मंडल की सहयोगी संस्था सहयोग के सचिव श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि संस्था की मासिक बैठक भगिनी मंडल चौबे कॉलोनी में हुई। बैठक की शुरुआत गणेश वंदना और फिर सदस्यों के स्वागत से हुई। इस बीच संस्था के नवीन सदस्यों का अन्य सदस्यों से परिचय कराया गया। तत्पश्चात कोषाध्यक्ष दीपक पात्रीकर ने संस्था की वार्षिक सदस्यता शुल्क एवं आय-व्यय की जानकारी दी। जिन सदस्यों का जन्मदिन इस माह होता है, उन्हें शुभकामना दी गई। साथ ही कार्ड और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।
डॉ. नलिनी राजिमवाले ने इस भीषण गर्मी में वरिष्ठ जनों को अत्यावश्यक सावधानियां बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि अति आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। बाहर निकलने से पहले पर्याप्त पानी पीये। सिर और चेहरा पूरी तरह ढकें। संभव हो तो अपने पहने हुए कपड़े में शरीर से चिपककर प्याज रखें। जहां भी जाएं, अपने साथ पानी जरूर रखें। डॉ. राजिमवाले ने कहा कि गर्मी के मौसम में जितना सादा व हल्का भोजन हो सके, करना चाहिए। मसाले, तले आहार से दूरी बनाकर रखना चाहिए और मांसाहार से पूरी तरह तौबा करना ही चाहिए।
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