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बीजापुर। जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वनमंडल की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पैंगोलिन के शिकार और तस्करी के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भोपालपटनम क्षेत्र के सैंड्रापारा में की गई। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में रवान कर दिया गया है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव अपराध के खिलाफ यह कुछ ही दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले वन विभाग ने बाघ की खाल के साथ सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से वन्यजीव तस्करी के सक्रिय नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र सीमा से लगा हुआ है। घने जंगल, दुर्गम रास्ते और नदी-नालों के कारण कई क्षेत्रों में निगरानी और गश्त करना चुनौतीपूर्ण रहता है। बारिश के दौरान हालात और कठिन हो जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर शिकारी और तस्कर जंगल में घुसपैठ करते हैं। उनकी नजर बाघ, हिरण और पैंगोलिन जैसे संरक्षित वन्यजीवों पर रहती है।
मिली जानकारी के अनुसार भोपालपटनम परिक्षेत्र एवं इंद्रावती टाइगर रिजर्व के पिल्लूर परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने 26 जुलाई को भोपालपटनम के सैंड्रापारा क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के विरुद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की प्रासंगिक धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज किया गया। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक के निर्देशन तथा वनमंडलाधिकारी डॉ. सागर जाधव रामचंद्र के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। अभियान का नेतृत्व उपवनमंडलाधिकारी नीतीश रावटे और वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक जायसवाल ने किया। कार्रवाई में बीजापुर वन विभाग और इंद्रावती टाइगर रिजर्व की टीम के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं वन सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक संदीप बलगा ने बताया कि पैंगोलिन तस्करी मामले में कार्रवाई जारी है। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। वनमंडलाधिकारी डॉ. सागर जाधव रामचंद्र ने कहा कि वन अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वन्यजीवों के शिकार अथवा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपवनमंडलाधिकारी नीतीश रावटे ने बताया कि वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित गश्त और सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
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