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00 रायपुर मॉडल को देशभर में लागू करने की जताई इच्छा
रायपुर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, भारत सरकार के उपाध्यक्ष कैशब बिहारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में सफाई कर्मचारियों के कल्याण, सुरक्षा, पुनर्वास एवं शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन सहित जिले में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को शासन द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं एवं उनके हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
आयोग के उपाध्यक्ष कैशब बिहारी ने उपस्थित अधिकारियों से उनके-अपने विभागों एवं संस्थानों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की संख्यात्मक जानकारी लेते हुए उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा, इंश्योरेंस, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा, कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र सफाई कर्मचारी तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा संबंधित विभाग नियमित रूप से सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करें।
बैठक में रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में घटित सेप्टिक टैंक दुर्घटना की भी विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें तीन श्रमिकों की मृत्यु हुई थी। इस संबंध में तैयार जांच एवं कार्रवाई प्रतिवेदन पर चर्चा करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि सहायक पुलिस आयुक्त, जोन पश्चिम, कमिश्नरेट रायपुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर थाना टिकरापारा में अपराध दर्ज कर वैधानिक विवेचना की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा तीनों मृतक श्रमिकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके साथ ही पीडि़त परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता तथा परिजनों के लिए अस्पताल में नि:शुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी इकरारनामा भी निष्पादित किया गया है। प्रकरण में नियमानुसार आगे की विधिक एवं विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।
आयोग के उपाध्यक्ष बिहारी ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कार्यस्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन तथा संबंधित संस्थानों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिला प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था, जनकल्याण एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने प्रोजेक्ट धड़कन, प्रोजेक्ट दृष्टि सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं और नवाचारों के माध्यम से जिले में किए जा रहे कार्यों की जानकारी आयोग के उपाध्यक्ष को दी। कैशब बिहारी ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि रायपुर में किए जा रहे नवाचार देश के अन्य जिलों के लिए भी उपयोगी मॉडल बन सकते हैं और रायपुर के सफल मॉडल को देशभर में लागू करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्री बिहारी को प्रोजेक्ट रचना के तहत तैयार किया गया वॉटर बॉटल बैग भेंट किया।
आयोग के उपाध्यक्ष कैशब बिहारी ने कहा कि सफाई कार्य को केवल सेवा के रूप में देखने के बजाय इसे सम्मानजनक एवं सुरक्षित रोजगार के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अनुभव और कौशल का उपयोग करते हुए सफाई से संबंधित विभिन्न उपयोगी उत्पादों का निर्माण भी नवाचार के रूप में किया जा सकता है। इससे सफाई कर्मचारियों को अतिरिक्त रोजगार एवं आय के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके कौशल को भी नई पहचान मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित करने और सफाई कर्मचारियों को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के पश्चात राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष कैशब बिहारी ने संकरी स्थित गार्बेज प्लांट का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं उसके वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत कर उनके कार्य की प्रकृति, कार्यस्थल पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं उन्हें प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। बिहारी ने अधिकारियों से कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए यह भी जाना कि सफाई कर्मचारियों को कार्य के दौरान किस प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या-क्या प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने गार्बेज प्लांट में सफाई एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संचालित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात कैशब बिहारी ने आईटीआई सद्दू का भ्रमण किया। यहां उन्होंने प्रोजेक्ट रचना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का विस्तार से अवलोकन किया और प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने प्रोजेक्ट रचना के माध्यम से तैयार किए जा रहे उत्पादों को देखा तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और नवाचार को सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जोड़कर उन्हें नए अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। सफाई कार्य से जुड़े अनुभव और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए ऐसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिनकी बाजार में मांग हो। उन्होंने इस प्रकार के प्रयासों को बढ़ावा देने तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लोगों को स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसरों से जोडऩे पर जोर दिया। श्री बिहारी ने आईटीआई सद्दू में प्रोजेक्ट रचना के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे कौशल विकास, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त रायपुर श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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