CNIN News Network

रायपुर सेंट्रल जेल में गूंजा सदाचार का मंत्र: गायत्री परिवार ने विचाराधीन बंदियों को पढ़ाया नैतिक शिक्षा का पाठ

25 Apr 2026   2 Views

रायपुर सेंट्रल जेल में गूंजा सदाचार का मंत्र: गायत्री परिवार ने विचाराधीन बंदियों को पढ़ाया नैतिक शिक्षा का पाठ

Share this post with:


रायपुर। राजधानी स्थित केंद्रीय जेल के 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के विचाराधीन बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए जेल प्रशासन के सहयोग से गायत्री परिवार रायपुर द्वारा एक विशेष 'नैतिक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकासÓ सत्र का आयोजन किया गया। 6 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध का मार्ग त्यागकर नेक इंसान बनने के लिए प्रेरित करना था।
जेल महानिदेशक श्री हिंमाशु गुप्ता के मार्गदर्शन और जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह के विशेष सहयोग से इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। जेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आध्यात्मिक और नैतिक कार्यक्रमों से बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक सुधार, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि वह भविष्य में समाज के मुख्य धारा में पुन: स्थापित हो सके।
समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक भाई श्री नीलम सिंह सिन्हा ने प्रतिदिन बंदियों को अनुशासित जीवन और सदाचार की शिक्षा दी। उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के दार्शनिक विचारों को साझा करते हुए कहा कि मनुष्य मूल रूप से एक भटका हुआ देवता है। उसके भीतर ईश्वरीय क्षमता (देवत्व) मौजूद है, लेकिन वासना, तृष्णा और अहंकार के कारण वह अपनी असली पहचान भूल गया है। आत्म-साधना और सत्कर्मों के जरिए कोई भी व्यक्ति पुन: देवत्व को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बंदियों को यह विश्वास दिलाया कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है और अतीत की गलतियों को सुधार कर एक उज्जवल भविष्य की नींव रखी जा सकती है। इस दौरान बंदियों को ध्यान योग, व्यक्तित्व विकास, जीवन प्रबंधन एवं संस्कार निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा नियमित ध्यान एवं योग सत्रों के माध्यम से उनके अंदर आत्म नियंत्रण, तनाव प्रबंधन एवं मानसिक शांति की भावना विकसित की गई। 
इस कार्यक्रम का समापन दीप महायज्ञ के साथ हुआ। इस दौरान बंदियों को गायत्री परिवार के संस्थापक युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा रचित सत् संकल्प का पाठ कराया गया। सभी बंदियों ने बुराई को छोड़कर नेक रास्ते पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने जानकारी दी कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से गायत्री परिवार द्वारा बंदियों के सुधार हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों की जेलों में भी निरंतर चलाए जा रहे हैं। इस अवसर पर गायत्री परिवार से डॉक्टर सुखराम साहू, तोरण साहू, जगन्नाथ साहू, दिनेश निषाद, गौरव कृष्ण दास सहित जेल शिक्षक - श्री शशांक दीवान एवं नेतराम नकतोड़े विशेष रूप से उपस्थित रहे। 
जेल प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं सुधारात्मक कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बंदियों के सर्वांगीण विकास एवं पुनर्वास के उद्देश्य को साकार किया जा सके।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13766/84

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web