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रायपुर। भारत से तस्करी किए गए कुल 657 पुरानी कलाकृतियों को अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक समारोह में वापस कर दिया गया। इनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 14 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। वापस किए गए इन कलाकृतियों में रायपुर के गुरु घासीदास संग्रहालय से चोरी हुई अवलोकितेश्वर की कांस्य प्रतिमा भी शामिल है, जो वापस हुए कलाकृतियों में सबसे महंगी है और पिछले 15 साल से इस प्रतिमा का वेरिफिकेशन नहीं हो सका था चूंकि अब बता चल गया है तो यह प्रतिमा जल्द ही रायपुर लाई जाएगी।
मैनहैटन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी का कार्यालय की ओर से लौटाई गई इन कलाकृतियों में अवलोकितेश्वर की प्रतिमा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिसकी कीमत करीब 2 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यह प्रतिमा सिरपुर के शिल्पकार द्रोणादित्य से जुड़ी बताई जाती है और 1939 में लक्ष्मण मंदिर के पास मिले खजाने का हिस्सा थी। बाद में यह रायपुर के संग्रहालय में रखी गई, लेकिन चोरी होकर अमेरिका पहुंच गई और 2025 में जब्त की गई। इसके अलावा लाल बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा (करीब 7.5 मिलियन डॉलर) और नाचते गणेश की मूर्ति भी इस कार्रवाई में बरामद कर भारत लौटाई गई है।
खास बात ये है कि रायपुर के गुरु घासीदास संग्रहालय से चोरी गई अवलोकितेश्वर की प्रतिमा को लेकर विभाग के पास ज्यादा जानकारी नहीं है। चर्चा है कि पिछले 15 साल से प्रतिमाओं का वेरिफिकेशन नहीं हुआ है। इस प्रतिमा को लेकर राहुल सिंह और कुछ अन्य अफसरों को जानकारी है, लेकिन वो रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में प्रतिमा को लाना आसान नहीं है।जांच में अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें सुभाष कपूर और नैन्सी वीनर जैसे तस्करों की भूमिका सामने आई। करीब 15 साल की जांच और प्रयासों के बाद यह सफलता मिली है, हालांकि 1000 से अधिक भारतीय कलाकृतियां अब भी लापता बताई जा रही है।
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