CNIN News Network

रामनामी परंपरा की गाथा को राष्ट्रीय सम्मान, छत्तीसगढ़ी संस्कृति का बढ़ा गौरव

20 Jul 2026   13 Views

रामनामी परंपरा की गाथा को राष्ट्रीय सम्मान, छत्तीसगढ़ी संस्कृति का बढ़ा गौरव

Share this post with:

00 संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने कहा पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण
लखनपुर। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म राम-नामी को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म का सम्मान प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ में हर्ष का वातावरण है। इस उपलब्धि को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म राम-नामी को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान प्राप्त होना छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।


उन्होंने कहा कि रामनामी समाज अपनी विशिष्ट परंपराओं, भगवान श्रीराम के प्रति अटूट आस्था, सादगीपूर्ण जीवन शैली तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। शरीर पर श्रीराम नाम अंकित कराने की अद्वितीय परंपरा, भक्ति, समरसता और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला यह समाज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। डॉक्यूमेंट्री राम-नामी ने इन परंपराओं और जीवन मूल्यों को अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय पटल पर नई प्रतिष्ठा प्रदान करेगा। साथ ही यह उपलब्धि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार को नई गति देगी तथा आने वाली पीढिय़ों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, जनजातीय एवं पारंपरिक विरासत, लोककलाओं और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति देश-विदेश में लोगों की रुचि और बढ़ेगी। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी तथा सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने निर्देशक श्री भरतबाला गणपति तथा पूरी निर्माण टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली प्रेरणादायी उपलब्धि है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं पर आधारित ऐसे उत्कृष्ट रचनात्मक प्रयास निरंतर होते रहेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होकर उभरेगी।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13910/69

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web