CNIN News Network

राज्य की 127 संकटग्रस्त पादप प्रजातियों के संरक्षण पर हुई कार्यशाला

01 Oct 2026   13 Views

राज्य की 127 संकटग्रस्त पादप प्रजातियों के संरक्षण पर हुई कार्यशाला

Share this post with:

00 कार्यशाला में विशेषज्ञों और पारंपरिक वैद्यों की सहभागिता से तैयार हुई संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पाई जाने वाली 127 दुर्लभ एवं संकटग्रस्त पौधों की प्रजातियों की पहचान कर उनके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इन प्रजातियों की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं खतरे में श्रेणी आधार पर सूची तैयार की।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य की 127 संकटग्रस्त पादप प्रजातियों के संरक्षण पर हुई कार्यशाला


वन मंत्री श्री केदार कश्यप की विशेष पहल से आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के आधार पर विशेषज्ञों ने संकटग्रस्त पौध प्रजातियों की स्थिति का आंकलन किया। कार्यशाला से प्राप्त वैज्ञानिक प्रमाणों और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा अब इन 127 प्रजातियों को अधिसूचित करने तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कार्ययोजना के साथ आगे की कार्यवाही की जाएगी।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य की 127 संकटग्रस्त पादप प्रजातियों के संरक्षण पर हुई कार्यशाला


राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा स्थानीय विशेषज्ञों के सहयोग से पूर्व में छत्तीसगढ़ में लगभग 3,035 पौधों की प्रजातियों की सूची तैयार की गई है। कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विषय विशेषज्ञों, पारंपरिक वैद्यों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने अपने क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजातियों की वर्तमान स्थिति से संबंधित जानकारी साझा की। इसके आधार पर लगभग 127 पौधों की प्रजातियों के संकटग्रस्त होने की पहचान की गई।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य की 127 संकटग्रस्त पादप प्रजातियों के संरक्षण पर हुई कार्यशाला


कार्यशाला में प्रतिभागियों को पौधों की पहचान के साथ उनके वैज्ञानिक मूल्यांकन की पद्धति की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों के पैनल ने प्राप्त तकनीकी आंकड़ों का विश्लेषण कर दुर्लभ, संकटग्रस्त एवं खतरे में, इन श्रेणियों की सूची तैयार की। इस प्रक्रिया में वैज्ञानिक अध्ययन के साथ स्थानीय एवं पारंपरिक ज्ञान को भी शामिल किया गया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य की 127 संकटग्रस्त पादप प्रजातियों के संरक्षण पर हुई कार्यशाला


प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य की संकटग्रस्त पौध प्रजातियों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने जैव विविधता के संरक्षण में सभी संबंधित पक्षों की सहभागिता पर जोर दिया। कार्यशाला में राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री अमिताभ बाजपेयी ने बोर्ड की कार्ययोजनाओं और वैज्ञानिक मूल्यांकन की रूपरेखा प्रस्तुत की। एसएफआरटीआई के निदेशक श्री कौशलेन्द्र कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न संस्थानों के विषय विशेषज्ञ और वैज्ञानिक भी कार्यशाला में शामिल हुए।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13997/18

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web