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रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अप्रैल 2026 में ऑपरेशन तलाश अभियान शुरु किया और इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने 5 राज्यों गए और वहां से 7 बालक, 31 बालिकाएं, 272 महिलाएं और 116 पुरुष को ढूंढ निकाला। गुम हुए इंसानों को दोबारा पाकर सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर फिर से खुशी लौट आई और उन्होंने इसके लिए पुलिस प्रशासन का धन्यवाद दिया। बताया जाता है कि कुछ मामलों में मानसिक रूप से परेशान लोग घर छोड़कर चले गए थे, जबकि कई महिलाएं और बच्चे दूसरे राज्यों में पहुंच गए थे। इसकी निगरानी रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने की।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के तीनों जोन के डीसीपी के नेतृत्व में थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया। टीमों ने तकनीकी इनपुट, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से अप्रैल 2026 में ऑपरेशन तलाश अभियान शुरु करते हुए गुम लोगों की तलाश शुरू की। पुलिस की टीमों ने छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश के कई शहरों में पहुंचकर गुमशुदा लोगों को दस्तयाब किया। कई बार पुलिस कर्मियों को सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। लगातार समन्वय और मेहनत के बाद पुलिस ने 7 बालक, 31 बालिकाएं, 272 महिलाएं और 116 पुरुष को सुरक्षित वापस लाया गया।
अभियान में थाना स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। डीडी नगर थाना सबसे ज्यादा गुमशुदा लोगों को खोजने में पहले स्थान पर रहा। उरला थाना दूसरे और पुरानी बस्ती थाना तीसरे स्थान पर रहा। उरला थाना क्षेत्र के एक मामले में पुलिस ने तेजी दिखाई और एक नाबालिग लड़की के अपहरण की शिकायत मिलने के बाद टीम ने सिर्फ 48 घंटे के भीतर महाराष्ट्र के सोलापुर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद उसे माता-पिता को सौंप दिया गया।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि ऑपरेशन तलाश जैसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी गुमशुदा व्यक्ति जल्द से जल्द अपने परिवार तक पहुंच सके। अभियान के तहत बेहतर काम करने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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