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बिलासपुर। श्री रमेश चंद्र महापात्र ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में निदेशक (तकनीकी-संचालन) का पदभार संभाल लिया है। उन्हें निदेशक (तकनीकी)-परियोजना एवं योजना का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। पदभार ग्रहण करने के अवसर पर एसईसीएल के विभिन्न विभागाध्यक्षों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्री महापात्र को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पदभार संभालने के बाद उन्होंने विभागाध्यक्षों एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कंपनी की प्रमुख परिचालन प्राथमिकताओं, उत्पादन संबंधी गतिविधियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
खनन क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव
रमेश चंद्र महापात्र को खनन क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। एसईसीएल में निदेशक (तकनीकी) का पदभार संभालने से पूर्व वे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के झांझरा क्षेत्र में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। खनन संचालन, परियोजना प्रबंधन और रणनीतिक नेतृत्व के क्षेत्र में उन्हें व्यापक अनुभव प्राप्त है। आईआईटी-बीएचयू के पूर्व छात्र श्री महापात्र ने वर्ष 1990 में खनन अभियांत्रिकी में डिग्री हासिल की। उन्होंने मानव संसाधन प्रबंधन में एमबीए भी किया है तथा वे इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फेलो हैं।
एसईसीएल से शुरू हुआ करियर
श्री महापात्र ने अपने करियर की शुरुआत एसईसीएल के कोरबा क्षेत्र स्थित सूराकछार कोलियरी से की। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कोलियरी प्रबंधक, परियोजना अधिकारी, अतिरिक्त महाप्रबंधक और महाप्रबंधक सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने कोल इंडिया की कई बड़ी भूमिगत एवं खुली खदान परियोजनाओं का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। उत्पादन वृद्धि, आधुनिक खनन तकनीकों को अपनाने, भूमि एवं पुनर्वास से जुड़े जटिल मामलों के समाधान तथा स्थानीय समुदायों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय कोयला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व
श्री महापात्र ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय कोयला क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। इनमें केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका में आयोजित अफ्रीकन माइनिंग इंदाबा तथा चेक गणराज्य में औद्योगिक सहयोग से जुड़ी वार्ताएं शामिल हैं।अपने व्यापक परिचालन अनुभव, तकनीकी समझ और नेतृत्व क्षमता के साथ श्री महापात्र की नई जिम्मेदारी से एसईसीएल के संचालन, उत्पादन, तकनीकी उन्नयन और परियोजना क्रियान्वयन को और गति मिलने की उम्मीद है।
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