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00 मंत्री राजवाड़े ने माताओं, बहनों और बच्चों से 30 जुलाई तक हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की पावन मिट्टी भेजने की अपील की
रायपुर। रक्षा बंधन के पावन पर्व पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता प्रकट करने के उद्देश्य से प्रदेश में ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026 का शुभारंभ किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए इसे सैनिकों के प्रति सम्मान का जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि देश की सुरक्षा में दिन-रात सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों के अदम्य साहस, समर्पण और त्याग के प्रति प्रत्येक नागरिक का सम्मान व्यक्त करना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का स्नेह सीधे देश के वीर जवानों तक पहुंचेगा।
उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि अपने हाथों से सुंदर राखी तैयार करें और उसके साथ सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखें। साथ ही सैनिकों के विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी भी लिफाफे में रखें। यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद तथा पूरे छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक होगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश एवं पावन मिट्टी सहित लिफाफा 30 जुलाई 2026 तक अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा किया जाए। अभियान के अंतर्गत एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र पूर्व सैनिक महासभा के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां इन्हें देशभर के सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर इस अभियान को जनभागीदारी का एक प्रेरक उदाहरण बनाएं और अपने सैनिक भाइयों तक यह संदेश पहुंचाएं कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मजबूती से खड़ा है।
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