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लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं की जागरूकता, सकारात्मक सोच और सक्रिय भागीदारी जरूरी: वित्त मंत्री श्री चौधरी
सफलता के लिए केवल डिग्री नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी आवश्यक
वित्त मंत्री ने युवाओं से साझा किए अपने जीवन के संघर्ष और सफलता के अनुभव
शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दिया राष्ट्र निर्माण में योगदान का संदेश
रायपुर-



वित्त मंत्री एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और लोकतंत्र के मजबूत आधार स्तंभ हैं। देश का भविष्य युवाओं की सोच, उनके संकल्प और सक्रिय भागीदारी से निर्धारित होता है। लोकतंत्र को सशक्त बनाने और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहना होगा। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

वित्त मंत्री श्री चौधरी जांजगीर-चांपा स्थित शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित ‘युवा संवाद‘ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ‘लोकतंत्र के लिए युवा‘ विषय पर विद्यार्थियों से संवाद किया और लोकतांत्रिक मूल्यों, शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

लोकतंत्र की मजबूती में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन और प्रशासन की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से मजबूत होने वाली व्यवस्था है। इसमें युवाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। युवा जब अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होते हैं तथा सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, तब लोकतंत्र और अधिक सशक्त होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने, सामाजिक समरसता बनाए रखने और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के पास नई सोच, नई ऊर्जा और बदलाव लाने की अपार क्षमता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा अपनी क्षमताओं को पहचानें और उनका उपयोग समाज तथा देश के विकास में करें। युवाओं को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
सफलता का आधार मजबूत संकल्प, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है। सीखने की निरंतर इच्छा, अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता के वास्तविक आधार हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन कठिन परिस्थितियां ही व्यक्ति के संकल्प और क्षमता की परीक्षा लेती हैं।
उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए स्पष्ट योजना बनाकर निरंतर प्रयास करें। असफलता से घबराने या निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। यदि व्यक्ति का इरादा मजबूत हो, लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर जारी रहें, तो वह कठिन से कठिन परिस्थितियों को पार कर सफलता प्राप्त कर सकता है।
वित्त मंत्री ने साझा किए अपने संघर्षपूर्ण विद्यार्थी जीवन के अनुभव
युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के संघर्षों और अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका विद्यार्थी जीवन भी अनेक कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों से गुजरा है। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की वर्तमान परिस्थितियां उसके भविष्य की संभावनाओं को सीमित नहीं कर सकतीं। मजबूत इच्छाशक्ति, सही दिशा में प्रयास और आत्मविश्वास के बल पर जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने और चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए प्रेरित किया।
आधुनिक तकनीक और नए कौशल से स्वयं को जोड़ें युवा
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बदलते समय में शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और कौशल विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। नई तकनीकों और ज्ञान के विस्तार के साथ युवाओं के सामने अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को समय के अनुरूप स्वयं को विकसित करना चाहिए और नई तकनीकों तथा कौशल को सीखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा जितना अधिक ज्ञान और कौशल अर्जित करेंगे, उतनी ही अधिक संभावनाएं उनके सामने खुलेंगी। विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, नवाचार की क्षमता और सकारात्मक सोच का उपयोग करते हुए अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ समाज के विकास में भी योगदान देना चाहिए।
युवा संवाद से विद्यार्थियों को मिली नई प्रेरणा
शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र, नागरिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने का महत्वपूर्ण अवसर बना। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, आत्मविश्वास बनाए रखने, निरंतर परिश्रम करने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव श्री अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी सहित जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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