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नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिये गये। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का नया कीर्तिमान बनाने पर बधाई दी गयी और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का भरोसा जताया गया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के आगमन पर मंत्रिमंडल के सदस्यों ने खड़े होकर उनका स्वागत और अभिनंदन किया। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक विशेष प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 4399 दिन तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने पर उनका अभिनंदन किया। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों के लगातार कार्यकाल का कीर्तिमान पार कर लिया है। मंत्रिमंडल ने इसे भारतीय लोकतंत्र, जनभागीदारी और जनता के विश्वास का ऐतिहासिक प्रतीक बताया। प्रस्ताव में कहा गया कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आयी है जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने अपने बारह वर्ष पूरे किये हैं और देश ने छह दशक बाद लगातार तीसरी बार किसी सरकार को जनादेश दिया है।
प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा गया कि गरीबों के कल्याण को शासन के केंद्र में रखा गया। सरकार ने करोड़ों लोगों को पक्के घर, बिजली, स्वच्छ जल, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, अस्सी करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और साठ करोड़ से अधिक गरीबों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी। मंत्रिमंडल ने कहा कि इन योजनाओं से पच्चीस करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। युवाओं के लिये नवाचार और नव उद्यम को बढ़ावा देकर भारत को विश्व का तीसरा सबसे बड़ा नव उद्यम तंत्र बनाने का उल्लेख भी प्रस्ताव में किया गया। महिला सशक्तिकरण, लाखपति दीदी अभियान और विधानमंडलों में महिलाओं को तैंतीस प्रतिशत आरक्षण जैसे कदमों की भी सराहना की गयी।
मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सुधारों के क्षेत्र में लिये गये फैसलों का भी उल्लेख किया। अनुच्छेद 370 हटाने, वस्तु एवं सेवा कर लागू करने, एक रैंक एक पेंशन, नागरिकता संशोधन कानून, भारतीय न्याय संहिता तथा श्रम संहिताओं को ऐतिहासिक कदम बताया गया। आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल और एअर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर, सिंधु जल संधि स्थगित करने, नक्सलवाद पर नियंत्रण और पूर्वोत्तर में शांति समझौतों को भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की उपलब्धि बताया गया। प्रस्ताव में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर पूरा विश्वास व्यक्त किया गया।
जहां तक मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसलों की बात है तो आपको बता दें कि इसमें अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत चरण दो-क के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी। लगभग छह किलोमीटर लंबे इस गलियारे में पांच स्टेशन बनाये जायेंगे जिनमें चार उन्नत और एक भूमिगत स्टेशन होगा। यह गलियारा कोटेश्वर रोड से हवाई अड्डे तक बनाया जायेगा और इसके पूरा होने पर अहमदाबाद और गांधीनगर में कुल मेट्रो नेटवर्क लगभग अठहत्तर किलोमीटर का हो जायेगा। परियोजना की कुल लागत दो हजार एक सौ उनहत्तर करोड़ रुपये से अधिक होगी। सरकार का कहना है कि इससे हवाई अड्डे तक बेहतर संपर्क मिलेगा, यातायात का दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। निर्माण के दौरान लगभग दो हजार लोगों को रोजगार और संचालन के दौरान पांच सौ लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
साथ ही मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आंध्र प्रदेश की नयी राजधानी अमरावती में केंद्रीय कर्मचारियों के लिये सामान्य आवासीय परिसर निर्माण को भी मंजूरी दी। सत्रह एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस परिसर में ग्यारह आवासीय टावर और कुल पंद्रह सौ चार आवास होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत बारह सौ चौंतीस करोड़ रुपये से अधिक होगी। परिसर में बैंक, डाकघर, बाल देखभाल केंद्र, भोजनालय, अतिथि गृह और खरीदारी परिसर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जायेंगी। इसे हरित भवन मानकों के अनुरूप विकसित किया जायेगा और दिव्यांगजन के लिये सुगम वातावरण सुनिश्चित किया जायेगा। निर्माण के दौरान हर वर्ष लगभग सात लाख मानव दिवस रोजगार तथा संचालन के दौरान पचास हजार मानव दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
इसके अलावा, अमरावती में केंद्रीय सरकारी कार्यालय परिसर निर्माण को भी मंजूरी दी गयी। 5.3 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस परिसर में दो विशाल कार्यालय भवन बनेंगे जिनमें लगभग आठ हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी। परियोजना की लागत करीब बारह सौ निन्यानवे करोड़ रुपये होगी। इसमें बैंक, डाकघर, सम्मेलन कक्ष, बहुउद्देश्यीय सभागार और भोजनालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना को भी हरित निर्माण मानकों के अनुरूप विकसित किया जायेगा। सरकार के अनुसार इससे विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों को एक ही परिसर में लाकर कार्यकुशलता बढ़ेगी और राज्य में केंद्रीय सेवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी।
हम आपको यह भी बता दें मोदी मंत्रिमंडल ने विश्वास जताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि पिछले बारह वर्षों में राजनीतिक स्थिरता, निर्णायक नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए भरोसा व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा।
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