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फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसान समृद्धि के मॉडल के रूप में उभर रहा है राजनांदगांव : मुख्यमंत्री श्री साय
कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन-तिलहन की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का प्रोत्साहन
सीएम हेल्पलाइन 1076, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और बिजली बिल समाधान योजना से जनता को मिल रही राहत
रायपुर-



किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। यहां किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और अन्य किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कराकर निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आम नागरिकों को बिजली बिल से दीर्घकालिक राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपने घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप आवास, बिजली, पानी, सड़क और डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि फसल चक्र परिवर्तन एवं जल संरक्षण के लिए किसानों एवं ग्रामवासियों में जागृति लाने के लिए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव महिला स्वहसहायता समूह की महिलाओं के साथ अप्रैल-मई की दोपहरी में यात्रा करती रही और एक अद्भुत कार्य किया गया। राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन होने से
फसल विविधीकरण के लिए किसान प्रेरित हुए हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन एवं एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषकों को मिनी किट वितरित किए गए।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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