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दुनिया जिन्हें आर के नारायण के नाम से जानती है उन्हें बहुत कम लोग राशिपुरम कृष्णस्वामी अय्यर नारायणस्वामी के नाम से जानते है। सोचिए जिस व्यक्ति ने 1935 में एक काल्पनिक गांव "मालगुडी" की कल्पना की थी उससे प्रभावित होकर प्रसिद्ध धारावाहिक धारावाहिक "मालगुडी डेज़" बनी और इस धारावाहिक के किरदार के रूप में "स्वामी" नाम का विद्यार्थी आज भी उन लोगों के जेहन में है जो दूरदर्शन के धारावाहिक देखे है।
देवानंद की फिल्म"गाइड" आर के नारायण के ही किताब पर बनी वह फिल्म है जिसे भारतीय फिल्म के ऐतिहासिक फिल्मों की श्रेणी में रखा जाता है।
अंग्रेजों के शासन काल में अंग्रेजी साहित्य को भारतीय परिवेश में लाने का श्रेय आर के नारायण को जाता है।उन्होंने समय काल को शब्दों में लिखा और देश दुनिया को बताया कि हिंदुस्तान गांवों का देश है जिसकी मिट्टी की सौंधी खुशबू का अलग ही फ्लेवर है।
स्वामी माई फ्रेंड, द बैचलर ऑफ आर्ट्स, डार्क रूम, द इंग्लिश टीचर, मालगुडी का आदमखोर , महात्मा का इंतजार, द वेंडर ऑफ स्वीट्स ,आर के नारायण की ऐसी अमर कृतियाँ है जिन्हें आज भी पढ़ा जा सकता है।
चलते चलते ये भी बता दे कि देश के महान कार्टूनिस्ट लक्ष्मण के आर के नारायण सगे भाई थे। जिनका कार्टून "कॉमन मेन" आज भी जिंदा है
0 संजय दुबे
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