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महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा - साय

19 Apr 2026   13 Views

महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा - साय

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00 सारी बाधाओं को दूर करके मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे 
00 कांग्रेस के नकारात्मक रवैए और काली करतूत के चलते 17 अप्रैल की तारीख एक काले अध्याय के रूप दर्ज हो गई : सिंह
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम को लोकसभा में पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस समेत इण्डी गठबंधन के सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा है। नेता द्वय ने रविवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आहूत एक महती पत्रकार वार्ता में कहा कि महिलाओं के साथ किए गए इस महापाप का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारे देश की आधी आबादी, माता-बहनों को देश के विकास में सहभागी बनाने और लोकसभा व विधानसभाओं में उनका 33 प्रतिशत नेतृत्व सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वन्दन (संशोधन) अधिनियम लाया गया था और संसद के विशेष सत्र में उस पर चर्चा की गई।16 से 18 अप्रैल तक आहूत संसद के सत्र से पहले एक बहुत अच्छा वातावरण पूरे देश व प्रदेश में था। देशभर की मातृशक्ति में इस अधिनियम को लेकर काफी उमंग व उत्साह का वातावरण था। महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देशभर में अनेक कार्यक्रम हो रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य का विषय है कि हमारी माता-बहनों की खुशी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के अडिय़ल और महिला विरोधी राजनीतिक चरित्र के चलते साकार नहीं हो पाई। श्री साय ने कहा कि हमारे देश में नारी का स्थान पूजनीय रहा है। नारी की प्रखर मेधा का सम्मान करते हुए देश की राजनीति में हम महिलाओं को उनका अधिकार देकर सम्मानित करने जा रहे थे। लेकिन इण्डी गठबंधन ने इसमें अवरोध उत्पन्न करके नारी शक्ति के साथ घोर अन्याय करने का पाप किया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा महिलाओं को पंचायतों में दिए गए 50 फीसदी आरक्षण सहित अन्य महिला उत्थान की संचालित की गई योजनाओं के साथ ही मौजूदा केंद्र तथा प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला कल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सदैव हर स्तर पर नारी के संवैधानिक अधिकारों व सम्मान की रक्षा की है। आज त्रि-स्तरीय पंचायतों में महिलाओं का नेतृत्व 50 से बढ़कर 57 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्रदेश की विधानसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 22 प्रतिशत तक है। श्री साय ने कहा कि कांग्रेस फूट डालो और राज करो की ब्रिटिश नीति पर चलकर पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण की केवल बातें कर रही है, परंतु जब भी इस पर सार्थक पहल कर उसे कानून बनाने का वक्त आता है तब कांग्रेस के लोग मुँह फेर लेते हैं और यही चरित्र कांग्रेस ने इस बार भी प्रदर्शित किया है। परिसीमन, धर्म आधारित आरक्षण, उत्तर-दक्षिण वैमनस्य पैदा करने की गर्हित कोशिश करके नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया। यह हमारे देश की 70 करोड़ माता-बहनों के साथ सरासर धोखा है, अपमान है। इसके लिए निश्चित रूप से देश की मातृशक्ति इण्डी गठबंधन को कतई माफ नहीं करेगी और कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। श्री साय ने कहा कि विधेयक पारित नहीं होने बावजूद भाजपा का संकल्प डिगा नहीं है और इस अधिनियम के मार्ग की सारी बाधाओं को दूर करके हम देश की मातृशक्ति को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाकर रहेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर कांग्रेस के नकारात्मक रवैए और काली करतूत के चलते 17 अप्रैल की तारीख एक काले अध्याय के रूप दर्ज हो गई है। कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध करके देश की महिलाओं का अपमान किया है और देश की महिलाएँ अपने इस अपमान को सदैव याद रखकर कांग्रेस को सबक सिखाएंगीं। श्री सिंह ने कहा कि जब-जब महिलाओं के हित और अधिकारों की बात आई, कांग्रेस ने सदैव महिलाओं को प्रताडि़त करने का काम ही किया। शाहबानो प्रकरण, ट्रिपल तलाक कानून जैसे विषयों को लेकर कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के साथ गद्दारी की है। महिला आरक्षण को लेकर तीन दशकों तक चली प्रक्रिया की विस्तृत चर्चा करके श्री सिंह ने कहा कि हर बार कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसका विरोध किया और महिला आरक्षण बिल को संसद में फाड़कर फेंकने का काम तक कांग्रेस और विपक्ष ने किया। 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित हुआ लेकिन बाद में सालों तक यह बिल लोकसभा में पेश नहीं किया गया। यह कांग्रेस की सोच है।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वन्दन अधिनियम सहित तीन विधेयक लोकसभा में लाए गए थे। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम को लेकर देशभर की महिलाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा था। उन्हें तथा समाज के सभी वर्गों को विश्वास था कि यह विधेयक पारित हो जाएगा। लेकिन कांग्रेस के लोगों ने अपने मनगढ़ंत तर्कों व कुटिल सोच के साथ इस बिल का विरोध किया। सर्वाधिक शर्म की बात तो यह है कि महिलाओं को आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक गिरा तो एक ओर जहाँ महिलाओं की आँखों में आँसू थे तब कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने संसद में ताली बजाकर, मेज थपथपाकर और सदन से बाहर जाकर खुशियाँ मनाई। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस के हर मनगढ़ंत तर्कों का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाधानकारक व संतोषजनक जवाब दिया, प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बिल पारित होने का सारा क्रेडिट विपक्ष को देने का भरोसा तक दिलाया, लेकिन कांग्रेस व विपक्ष का मन साफ नहीं था। प्रधानमंत्री श्री मोदी चाहते थे कि जो नारी शक्ति वन्दन विधेयक 2023 में पारित हुआ है, उसको सन 2029 के चुनाव से पहले लागू किया जाए। श्री सिंह ने कहा कि सन 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की सरकार और भाजपा/राजग की प्रदेश सरकारों के कार्यकाल में महिलाओं के कल्याण की दिशा में इतने ज्यादा काम हुए हैं कि कांग्रेस व विपक्ष उसकी कल्पना तक नहीं कर सकता। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला विकास-केंद्रित योजनाओं की विस्तार से चर्चा करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इन्हीं सब कार्यों के कारण देश की मातृशक्ति का प्रधानमंत्री श्री मोदी पर अटूट विश्वास है।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने कहा कि आज जब यह परिसीमन की जरूरत पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं तो यह विचारणीय है कि 1971 की जनगणना के मुताबिक तब जनसंख्या 54 करोड़ थी जबकि आज आबादी 140 करोड़ है। कुछ लोकसभा क्षेत्रों में आबादी 28 से 38 लाख तक पहुँच चुकी है तो उन सीटों को आबादी के अनुपात से तय करना चाहिए। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ में सीटों की संख्या बढ़कर क्रमश: 135 और 18 हो जातीं। यही संविधान की मूल भावना भी है। परिसीमन कानून में लेशमात्र भी परिवर्तन किए बिना उसी आधार पर परिसीमन को लेकर भी कांग्रेस को आपत्ति है। कांग्रेस हमेशा हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाती रहती है। इस विषय को लेकर भाजपा बूथ-मंडल स्तर तक जाएगी और कांग्रेस के झूठ और महिला विरोधी चरित्र का पर्दाफाश कर भाजपा के दृष्टिकोण का सही प्रकार से प्रकटीकरण करेगी। कांग्रेस ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर महिलाओं के साथ विश्वासघात का जो पाप किया है, उसका खामियाजा उसे भविष्य में भुगतना पड़ेगा।
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े, महापौर मीनल चौबे, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता (मध्यप्रदेश) सुश्री नेहा बग्गा उपस्थित रही।

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