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00 राजधानी में हर्षोल्लास व रीति-रिवाज के साथ मनाया गया राष्ट्रीय भोजली महोत्सव
रायपुर। राजधानी रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में शुक्रवार को हर्षोल्लास, धूमधाम के साथ रीति-रिवाजों के साथ राष्ट्रीय भोजली महोत्सव मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से बुढ़ातालाब तक भोजली को लेकर रैली के रुप में निकले जहां तालाब की परिक्रमा पूरी करने के बाद गंगा स्नान कर वापस स्टेडियम पहुंचे। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिक लोगों ने कहा कि भोजली महोत्सव का त्योहार केवल आदिवासियों का नहीं है, यह सभी छत्तीसगढिय़ों के साथ सभी समाजों का है एक साथ मिलकर मनाना चाहिए क्योंकि इस जीवित रखने के लिए 21 वर्षों से आदिवासी समाज इसको मनाते आ रहा है। राष्ट्रीय भोजली महोत्सव में देश भर के अलग अलग प्रांत से सामाजिक वेषभूषा में जेवरा के साथ पहुंचे हुए थे।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंग सुबह 9 बजे परम् पूज्य गोंडवाना गुरूददा गुरूदाई ने अनुशासित रूढिज़न्य परंपरा के साथ पूजा अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिपक्ष नेता चरण दास महंत ने कहा कि बुद्धदेव आदिवासी समाज का सबसे बड़ा देव है जो अपनी उपस्थिति जल जंगल जमीन और आदिवासियों के दिलों धड़कन में बसा हुआ रहता है। आज आदिवासियों से हम पानी पीने के लिए अनुमति लेते हैं, जल हवा सभी पहाड़ों से मिलता है उसकी अनुमति केवल गोड व आदिवासी समाज का है और जल जंगल जमीन का पहला अधिकार आदिवासी गोड समाज का है उसके बाद ही कोई दूसरे का अधिकार रहता है इसलिए हमें आदिवासियों का सम्मान एवं उनकी मांगों को प्रमुखता से सुनना चाहिए।
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमर सिंगार ने कहा कि यदि कोई भी सरकार विकास की बात करती है तो सबसे पहले आदिवासियों को अपना 25 परसेंट दे क्योंकि आज भी आदिवासी एकता के सूत्र में बंधे हुए है। उन्होंने आगामी जनगणना में सातवां कलाम की मांग भी केंद्र व राज्य सरकार से किया।
इस अवसर पर छग के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कमलेश्वर पटेल (अखिल भारतीय कांग्रेस राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य नई दिल्ली), छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, नारायण सिंह पट्टा, ओमकार मरकाम, चैन सिंह वरकड़े, शंकर कुमार नेमन,सतनाम पनाग, गुरु माता धूलेश्वरी सिदार पूर्व जनपद अध्यक्ष पाली कोरबा, दिलीप सैश्याम, प्रेम सिंह श्याम, भूपेंद्र वरकड़े, गुलजार सिंह मरकाम, डॉ शंकर लाल उईके, गोंडवाना महासभा मीडिया प्रभारी जिवराखन लाल उसारे, एच एल उईके, बजरंग माझी के अलावा अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
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