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00 2022 की फर्जी टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा निरस्त होने से युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली भूपेश सरकार बेनकाब
रायपुर। कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में युवाओं के हकों पर डाका डालने और अपनों को उपकृत करने के एक और सनसनीखेज मामले के खुलासे के मद्देनजर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा है कि भूपेश सरकार के संरक्षण में राज्य के प्रतिभावान युवाओं और कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने बुधवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा में जाँच के दौरान भारी धांधली, फर्जीवाड़ा और प्रणालीगत भ्रष्टाचार पाया गया है। इसके बाद शासन द्वारा इस परीक्षा को तत्काल प्रभाव से शून्य घोषित कर पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि 26 जून 2022 को लिपिक वर्ग से वाणिज्यिक कर निरीक्षक (टैक्स इंस्पेक्टर) के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। जाँच समिति की रिपोर्ट (3 जुलाई 2026) ने यह साफ कर दिया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल म़े किस प्रकार नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं!
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने बताया कि परीक्षा से पहले आरक्षण रोस्टर का पालन ही नहीं किया गया, जिससे वंचित और पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधी चोट पहुँचाई गयी। इसी तरह परीक्षा केंद्रों में उपस्थिति पंजी का संधारण ही नहीं किया गया ताकि मनचाहे लोगों की बैकडेट में एंट्री कराई जा सके। जाँच में पाया गया कि कई चयनित अभ्यर्थियों ने एक समान उत्तर लिखे थे। इतना ही नहीं, कॉपियों में कोडिंग व्यवस्था को जानबूझकर खत्म किया गया ताकि मनपसंद अभ्यर्थियों की पहचान उजागर रहे।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि अपनों को फायदा पहुँचाने के लिए चयन समिति के अध्यक्ष, सदस्यों और परीक्षा नियंत्रक ने खुद नियम विरुद्ध पुनर्मूल्यांकन कर चहेतों के अंक बढ़ाए। खरीदी गई कॉपियों और इस्तेमाल/शेष कॉपियों के आँकड़ों में भारी विसंगतियाँ पाई गईं, जो सीधे तौर पर फर्जी कॉपियाँ जमा करने की ओर इशारा करती हैं।
मेधावी कर्मचारियों के साथ धोखा, सभी गलत नियुक्तियाँ रद्द
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जाँच में यह साबित हो चुका है कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुई यह परीक्षा पूरी तरह दूषित और फर्जीवाड़े पर आधारित थी। अनियमितताएँ इतनी व्यापक थीं कि इसमें से ईमानदार और धांधली करने वालों को अलग करना सम्भव नहीं था। शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 26 जून 2022 की परीक्षा एवं 1 जुलाई 2022 के तहत दिए गए सभी नियुक्ति आदेशों को तत्काल निरस्त कर दिया है। फर्जी तरीके से टैक्स इंस्पेक्टर बने सभी कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेज (प्रत्यावर्तित कर) दिया गया है।
जनता और युवाओं के मन में उठते सवाल
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि युवाओं और कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फेरने वाली भूपेश सरकार को इस धांधली का जवाब देना ही होगा। क्या कांग्रेस सरकार का मकसद केवल अपनों को पिछले दरवाजे से लाभ पहुँचाना था? डॉ. मिश्रा ने कहा कि भूपेश बघेल सरकार का यह कृत्य न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं का हनन था, बल्कि राज्य के परिश्रमी कर्मचारियों और युवाओं के विश्वास पर कुठाराघात था। अब सच सामने आ चुका है और धांधली के बल पर पाई गई नियुक्तियों को खारिज कर न्याय स्थापित किया गया है।
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