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रायपुर। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान एवं लू (हीट वेव) के प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य जीव जन्तु कल्याण बोर्ड ने पशुपालकों एवं आम नागरिकों के लिए आवश्यक सावधानियां जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी में पशुओं को प्रत्यक्ष ताप (डायरेक्ट हीट) के संपर्क से बचाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इस मौसम में पशु निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक एवं गर्म सतहों से जलने जैसी समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि पशुओं को दिनभर छाया उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त आश्रय की व्यवस्था की जाए। साथ ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए पशुओं को नियमित रूप से स्वच्छ एवं ताजा पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए चौड़े मुंह वाले ऐसे पात्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जिन्हें पशु आसानी से पलट न सकें।
बोर्ड ने पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम के लिए पशुओं के पैदल परिवहन नियम 2001 का पालन करने पर भी जोर दिया है। नियमों के अनुसार 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान की स्थिति में तथा सूर्योदय पूर्व एवं सूर्यास्त के पश्चात पशुओं के पैदल परिवहन पर प्रतिबंध लगाया गया है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे हीट स्ट्रोक के लक्षणों पर विशेष नजर रखें। यदि पशुओं में अत्यधिक हांफना, सुस्ती, लार टपकना, तेज धड़कन या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उपचार कराएं।
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