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भिलाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई में यौन उत्पीडऩ की रोकथाम अधिनियम—मुद्दे, चुनौतियाँ और आगे की राह विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश तथा रजिस्ट्रार विंग कमांडर डॉ. जयेश चंद्र एस. पाई द्वारा किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ की रोकथाम संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करना तथा सुरक्षित एवं समावेशी कार्य वातावरण को बढ़ावा देना था। आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्षा डॉ. रेखा रविंद्रन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संस्थान के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो लैंगिक संवेदनशीलता एवं कार्यस्थल की गरिमा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यशाला का संचालन हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नवा रायपुर की विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका आर. मोहद एवं डॉ. पंकज उंबरकर द्वारा किया गया। उन्होंने क्कह्रस्॥ अधिनियम के कानूनी ढांचे, उसके व्यावहारिक पहलुओं तथा आंतरिक शिकायत समिति की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला के दौरान कार्यस्थल पर यौन उत्पीडऩ की प्रकृति को समझना, शिकायत निवारण की प्रक्रियाएँ, गोपनीयता सुनिश्चित करना तथा निवारक उपायों को अपनाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। सत्र की संवादात्मक शैली ने प्रतिभागियों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जुड़े प्रश्नों पर स्पष्टता प्रदान की।
इस प्रकार की पहलें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई की अपने सभी सदस्यों के लिए सुरक्षित, समावेशी और सहयोगी वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती हैं।
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