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00 एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय हेतु पृथक से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी
00 उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मंगलवार को हुई छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक को अनेक मायनों में ऐतिहासिक बताया है। श्री नेताम ने कहा कि इस बैठक में एक साथ 19 बड़े फैसले किये गए हैं, जिनमें किसानों के कल्याण से संबंधित निर्णय, शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा, बिजली बिल में राहत समेत अनेक निर्णय हुए हैं। बुधवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री नेताम ने कहा कि इन निर्णयों का सकारात्मक प्रभाव जनता पर पड़ेगा।
नेताम ने कृषक उन्नति योजना और धान खरीदी से संबंधित निर्णयों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। उन्हें प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से आदान सहायता देने का निर्णय हुआ है, भले उनकी उपज कितनी भी कम हुई हो। इसके साथ ही पंजीयन आदि की व्यवस्था को अत्यधिक सरल बना दिया गया है। पिछले वर्ष पंजीयन कराने वाले किसानों को नए सिरे से पंजीयन कराने से भी छूट दी गई है। इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्री नेताम ने कहा कि प्रदेश भाजपा की सरकार के किसान हितैषी निर्णयों ने ख़ुशहाली का एक नया अध्याय रचा है।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों से दिनांक 15 नवम्बर 2026 से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। उक्त अवधि में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जाएगी। किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए एग्रीस्टेक आईडीयुक्त विगत वर्ष के पंजीकृत सभी कृषकों को धान विक्रय हेतु मान्य किया है। अब इन किसानों को पृथक से पंजीयन की कोई आवश्यकता नहीं होगी। श्री नेताम ने कहा कि एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय हेतु पृथक से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण डिजिटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक आधारित धान की खरीदी की जाएगी।
नेताम ने बताया कि किसानों को बेहतर एवं सुगम व्यवस्था प्रदान करने हेतु 360 नए उपार्जन केन्द्र प्रारम्भ किये जा रहे हैं, फलस्वरूप इस वर्ष 3100 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी सुश्चित की जाएगी। धान खरीदी हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। श्री नेताम ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में अतिशेष धान की धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण करने के संबंध में मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक के निर्णय का अनुसमर्थन किया है। इसी प्रकार मंत्रिपरिषद ने खरीफ-2026 में 'कृषक उन्नति योजनाÓ के संशोधन संबंधी कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फसल विविधीकरण, किसानों की आय तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने मौजूद रहे।
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