Share this post with:
00 छग में लेवल क्रासिंग पूरी तरह से समाप्त
रायपुर-बिलासपुर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे में सुरक्षा उपायों पर एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर अब राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा क्रांति का सक्रिय हिस्सा बन चुका है। छत्तीसगढ़ की रेल यात्रा अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय हो रही है। राज्य के प्रमुख जिलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा आदि को कवर करती है और यहां मानवरहित लेवल क्रॉसिंग पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि पूरे भारतीय रेलवे में गंभीर रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2014-15 के 135 से घटकर 2025-26 में मात्र 16 रह गई है। यानी लगभग 89 प्रतिशत की भारी कमी आई है। कॉन्सीक्वेंशियल एक्सीडेंट इंडेक्स भी 0.11 से गिरकर 0.01 पर आ गया है, जो यूरोपीय संघ जैसे विकसित रेल सिस्टम से भी बेहतर है। सुरक्षा पर खर्च 2013-14 के 39 हजार 200 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 1 लाख 20 हजार 389 करोड़ किया गया है।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में मंत्री ने एसईसीआर की उपलब्धियों को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, जिसका मुख्यालय बिलासपुर में है और जो राज्य के प्रमुख जिलों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा आदि को कवर करती है, में मानवरहित लेवल क्रॉसिंग पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में एसईसीआर ने 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण पूरा किया, जिससे 34 से अधिक लेवल क्रॉसिंग हटाए गए। इससे रेल और सड़क यातायात दोनों सुरक्षित तथा सुगम हुआ है।
स्वदेशी कवच 4.0 (ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) का विस्तार एसईसीआर के व्यस्त कोयला और खनिज ढुलाई वाले रूटों पर तेजी से हो रहा है। यह तकनीक लोको पायलट की गलती या ओवर स्पीडिंग की स्थिति में ट्रेन को स्वत: ब्रेक लगा देती है। ट्रैक की गुणवत्ता में सुधार, 60 किग्रा भारी पटरियों, लंबे वेल्डेड रेल और अल्ट्रासोनिक टेस्टिंग से पटरी फ्रैक्चर में 92 प्रतिशत और वेल्ड फेलियर में 93 प्रतिशत की कमी आई है। एलएचबी कोचों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जो टक्कर की स्थिति में यात्रियों को ज्यादा सुरक्षा प्रदान करते हैं। कोहरे वाले क्षेत्रों में जीपीएस आधारित फॉग सेफ्टी डिवाइस की संख्या अब 30 हजार तक पहुंच गई है। एसईसीआर का बिलासपुर मंडल फ्रेट लोडिंग में देश में अग्रणी है। वर्ष 2025-26 में इसने 200 मिलियन टन फ्रेट लोडिंग का लक्ष्य मात्र 287 दिनों में हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जो ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त नहीं होतीं, वे सुर्खियां नहीं बनतीं। लेकिन यही सुर्खियों का अभाव छत्तीसगढ़ के लाखों यात्रियों और कोयला-खनिज क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर है। एसईसीआर बिलासपुर के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ की रेल यात्रा अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय हो रही है।
Share this post with:
18 Apr 2026 12 Views
18 Apr 2026 11 Views