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00 कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध उर्वरक विक्रय पर प्रशासन की सख्त निगरानी जारी
जशपुर। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध विक्रय पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जशपुर जिले में कृषि विभाग द्वारा लगातार सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड बगीचा के ग्राम चम्पा में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध लाइसेंस एवं दस्तावेज के भंडारित 141 बोरी उर्वरक जब्त कर उसके विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया।
उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री लालसाय केरकेट्टा, कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक श्रीमती क्रुसलीना मिंज तथा संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्राम चम्पा में श्री नईम अख्तर के निवास पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 25 बोरी डीएपी, 10 बोरी एसएसपी तथा 106 बोरी यूरिया सहित कुल 141 बोरी उर्वरक बिना किसी वैध बिल अथवा दस्तावेज के भंडारित पाया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना वैध उर्वरक लाइसेंस के खाद का विक्रय किया जा रहा था। आवश्यक दस्तावेज एवं लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कृषि विभाग ने उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत संपूर्ण उर्वरक जब्त कर सुपुर्दनामा तैयार किया तथा उसके विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
कृषि विभाग ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर जिले के सभी विकासखंडों में जिला स्तरीय टीम द्वारा उर्वरक विक्रय केंद्रों एवं भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कालाबाजारी, जमाखोरी, नकली उर्वरकों की बिक्री तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यापारी अथवा व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद एवं बीज खरीदें, खरीदारी का बिल अवश्य लें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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