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00 गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह और नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में सूरजपुर के साधुराम विद्या मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल विवाह, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा विधि के विरुद्ध कार्य करने वाले बच्चों के लिए निर्धारित कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया गया। बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझने तथा किसी भी असहज अथवा अनुचित व्यवहार की स्थिति में तत्काल भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों को बताया गया कि किसी घटना की स्थिति में डर अथवा सामाजिक दबाव के कारण चुप रहने की आवश्यकता नहीं है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से सहायता एवं शिकायत की जा सकती है तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियों के साथ पुराने प्रकरणों के फॉलोअप की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने और अपने आसपास के लोगों को भी बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया गया कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना बच्चे को गोद लेना अथवा देना कानूनन अपराध है। विद्यार्थियों को बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका से भी अवगत कराया गया।
नशे और साइबर अपराध से दूर रहने की अपील
‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई। साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने की समझाइश दी गई। ओटीपी साझा नहीं करने, अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर बातचीत से बचने, निजी फोटो साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने के संबंध में महत्वपूर्ण सावधानियां बताई गईं।
यातायात नियमों के पालन के लिए किया प्रेरित
विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए कम उम्र में वाहन नहीं चलाने तथा बिना लाइसेंस वाहन चलाने से बचने की समझाइश दी गई। विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों को भी वाहन चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा एवं पंजीयन दस्तावेज साथ रखने तथा हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित करने कहा गया।
महिलाओं और किशोरियों से जुड़े विषयों पर भी जागरूकता
कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी देते हुए संकटग्रस्त महिलाओं को उपलब्ध सहायता के संबंध में बताया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर टोल फ्री नंबर 181 के माध्यम से सखी वन स्टॉप सेंटर की निःशुल्क सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। महिला सशक्तिकरण हब की ओर से किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बेटियों की शिक्षा, आत्मविश्वास और समान अवसरों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में विद्यालय संचालक श्री राहुल अग्रवाल, प्राचार्य श्रीमती खुशबू सिंह, महिला सशक्तिकरण हब की जेंडर विशेषज्ञ सुश्री सलोनी कुजूर, चाइल्ड लाइन से श्री प्रकाश राजवाड़े, सूरजपुर कोतवाली से श्रीमती सुमन पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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