CNIN News Network

बस्तर तिरंगा यात्रा एर्राबोर पहुंची, शहीद स्मारक पर दी गई श्रद्धांजलि

14 Aug 2026   9 Views

बस्तर तिरंगा यात्रा एर्राबोर पहुंची, शहीद स्मारक पर दी गई श्रद्धांजलि

Share this post with:

सुकमा । बस्तर तिरंगा यात्रा अपने अंतिम पड़ाव की ओर शुक्रवार काे बीजापुर से निकलकर एर्राबोर पहुंच गई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वनमत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अन्य बड़ी संख्या में सुकमा जिले के विकासखंड कोन्टा के एर्राबोर पहुंचे। यहां उन्हाेने शहीद जवानों के स्मारकों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई, वहीं जवनाें के श्हादत स्थल की मिट्टी का संग्रहण किया। उरपालमेट्टा में शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण भी किया गया।
बस्तर संभाग के चार जिलों में चल रही तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नेताओं ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। यात्रा का उद्देश्य नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद जवानों और नागरिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ हर घर तिरंगा अभियान का संदेश पहुंचाना बताया गया।
एर्राबोर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एर्राबोर अग्निकांड का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने एक साल की बच्ची कट्टम ज्योति को उसकी मां की गोद से छीनकर आग में फेंक दिया था। उन्होंने कहा कि आज ज्योति जीत गई है और नक्सलवाद हार गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल हिंसा में अनेक ग्रामीणों और सुरक्षा जवानों ने अपनी जान गंवाई। बस्तर तिरंगा यात्रा उन स्थानों तक पहुंच रही है, जहां स्थानीय आदिवासियों और सुरक्षा बलों के लोगों की हत्या हुई। उन्होंने बताया कि इन स्थानों से मिट्टी एकत्र कर पौधारोपण किया जा रहा है, और शहीद परिवारों से भी मुलाकात की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले नक्सल प्रभावित गांवों में राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराना मुश्किल था और नक्सलियों का फरमान चलता था। अब लोकतंत्र मजबूत हुआ है, और गांव-गांव में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री ने लोगों से 15 अगस्त को हर घर तिरंगा फहराने की अपील करते हुए गांवों को आईईडी मुक्त बनाने का आह्वान किया। विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए केवल खनन पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। क्षेत्र की लघु वनोपज में पर्याप्त संभावनाएं हैं। सरकार की योजनाओं और सुविधाओं को प्रत्येक गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया जाना चाहिए।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से पहली बार एर्राबोर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं। उन्होंने नक्सलवाद के दौर में हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन के नाम पर लोगों को बंदूक थमाई गई, जिसका परिणाम हजारों लोगों की मौत और सुरक्षा जवानों की शहादत के रूप में सामने आया। बस्तर सांसद ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लंबे संघर्ष और जवानों के बलिदान के बाद आज बस्तर में परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने युवाओं से हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुडने का आह्वान किया। महेश कश्यप ने कहा कि अब जल, जंगल, जमीन की आड़ में हिंसा नहीं, बल्कि विकसित बस्तर और विकसित राज्य का सपना साकार होगा। उन्होंने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं को जागरूक कर उन्हें विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दाैरान भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे, वरिष्ठ भाजपा नेता सोयम मुका, कोन्टा मंडल अध्यक्ष सुभाष चतुर्वेदी, एर्राबोर सरपंच सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13944/16

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web