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जगदलपुर। बस्तर जिले में आगामी शैक्षणिक सत्र 16 जून से शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर शिक्षा विभाग ने व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकें और यूनिफॉर्म वितरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला मुख्यालय से सभी पाठ्य पुस्तकों को पहले ही ब्लॉक और संकुल स्तर तक भेज दिया गया है, ताकि समय पर विद्यार्थियों तक सामग्री पहुंचाई जा सके। लेकिन बिना क्यूआर कोड स्कैन के पुस्तकों का वितरण नहीं किया जाएगा। इस वर्ष भी शिक्षा विभाग ने पुस्तक वितरण प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग बढ़ाते हुए क्यूआर कोड स्कैनिंग को अनिवार्य किया है। इसके तहत विद्यार्थियों को पुस्तकें तभी दी जाएंगी, जब संबंधित पुस्तकों का क्यूआर कोड स्कैन कर उनकी एंट्री सिस्टम में दर्ज कर दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है। जिले में इस बार लगभग 1 लाख 49 हजार 635 पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाना है। इतनी पुस्तकों की क्यूआर कोड स्कैनिंग और रिकॉर्डिंग करना शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती है। कई विद्यालयों में शिक्षकों के द्वारा इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी संसाधनों की कमी से कार्य प्रभावित होने की आशंका है। अफसरों का कहना है कि नई व्यवस्था से पुस्तक वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
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