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जगदलपुर। बस्तर जिले के 83 485 लोगों को पीडीएस के तहत मिलने वाला राशन 2 माह से बंद होने के बाद भी अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है। अब खाद्य विभाग ने इन्हें अंतिम मौका देते हुए 15 जुलाई तक ई-केवाईसी करवाने को कहा है। अब समय सीमा नहीं बढ़ाने की बात भी कही है। सत्यापन नहीं करवाने वाले सदस्यों के नाम राशन कार्ड से काटने की कार्रवाई शुरू होने की आशंका भी जताई जा रही है।
खाद्य विभाग के मुताबिक कई बार अभियान चला। गांव-गांव जागरूकता फैलाई गई। राशन दुकानों से भी सूचना दी गई। इसके बाद भी बड़ी संख्या में हितग्राही ई-केवाईसी कराने नहीं पहुंच रहे हैं। जिले में सबसे चिंताजनक स्थिति जगदलपुर ब्लॉक की है, यहां करीब 15 हजार से अधिक सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है। बकावंड ब्लॉक में करीब 17 हजार -सदस्यों का ई-केवाईसी लंबित है। विभाग का कहना है कि तय समय में प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो हजारों परिवार राशन के लाभ से वंचित हो सकते हैं। विभाग ने बताया कि ई-केवाईसी का मकसद रिकॉर्ड अपडेट करना है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाना है। मृत, अपात्र, डुप्लीकेट नाम हटेंगे, वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न का लाभ पहुंचेगा। अधिकारियों ने कहा कि शहरी क्षेत्र होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। खाद्य विभाग ने साफ किया है कि 15 जुलाई तक ई-केवाईसी नहीं कराने वाले के नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया होगी, बस्तर जिले में अब भी 83,485 सदस्य बाहर हैं। ई-केवाईसी उचित मूल्य की दुकान पर आधार आधारित सत्यापन आसानी से हो सकता है।
सहायक खाद्य अधिकारी दिव्या रानी ने बताया कि बस्तर जिले में अभी भी 83,485 सदस्यों का ई-केवाईसी लंबित है। सभी विकासखंडों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हितग्राही अंतिम तिथि 15 जुलाई का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें। इससे राशन वितरण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
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