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रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में व्याप्त प्रशासनिक अनियमितताओं, छात्र विरोधी नीतियों एवं भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में 15 सूत्रीय मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन एवं कुलपति कार्यालय का घेराव किया गया।
जारी बयान में अभाविप ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश एवं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सेवा समाप्ति की कार्यवाही के बावजूद पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शाहिद अली को बिना किसी वैधानिक आदेश के पुन: विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया गया है। परिसर में लगभग 7 करोड़ की लागत से निर्मित नए ऑडिटोरियम की जड़ जड़ हालत हो चुकी है संभवत: निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की आशंका व्यक्त की तथा इसकी उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में कोर्सों के नाम परिवर्तित किए जाने से उत्पन्न भ्रम, परीक्षा अवधि में लगातार विद्युत बाधित होने, छात्रावास में दूषित पेयजल, मेस की निम्न गुणवत्ता, खेल सुविधाओं के अभाव, बस परिवहन की अव्यवस्था एवं विद्यार्थियों के लिए स्टूडियो सुविधाओं के उपयोग न होने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि विश्वविद्यालय को शिक्षा एवं अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र होना चाहिए, न कि अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का माध्यम। उन्होंने कहा कि यदि सेवा समाप्ति के आदेश के बाद भी किसी व्यक्ति को विश्वविद्यालय में कार्य करने की अनुमति दी जाती है तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
घंटों चले प्रदर्शन एवं घेराव के पश्चात कुलसचिव द्वारा अभाविप से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान कुलसचिव ने डॉ. शाहिद अली से संबंधित मामले की जांच, ऑडिटोरियम निर्माण कार्य की तकनीकी जांच तथा विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
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