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छात्रों के दो आंदोलनो के बीच कलाकारों और नेताओं की बयानबाजी कुत्ते,लोमड़ी और हड्डी तक पहुंच गई है। वाह,पता नहीं आगे और कहां तक जायेगी? दरअसल यह विवाद दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर बॉलीवुड कलाकारों की चुप्पी को लेकर शुरू हुआ था। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने शांत रहने वाले कलाकारों की तुलना मुंह में हड्डी दबाए कुत्ते से की थी।नसीरुद्दीन ने कहा था कि जब कलाकारों की आत्मा जागेगी तब वे बोलेंगे। उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा था कि जिसके मुंह में हड्डी होती है, वह कुत्ता भौंक नहीं सकता। जैसे ही मुंह से हड्डी गिरेगी या दांत टूटेंगे, वे भौंकने लगेंगे।
अब रांची आंदोलन के बीच अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधा है। कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट में नसीरुद्दीन शाह को 'लोमड़ीÓ कहते हुए लिखा कि वे इस देश का खाते हैं, लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं।कंगना रनोट ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पीयूष मिश्रा के बयान की एक रिपोर्ट शेयर की। कंगना ने लिखा कि सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन उन्हें इस बात का गर्व है कि वे जिस देश का खाती हैं, उसकी रखवाली करती हैं और उसके लिए लड़ती हैं। कंगना ने आगे लिखा कि आज के दौर में कुत्ता कहलाना एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी अब बहुत कम देखने को मिलती है। वे नसीरुद्दीन शाह जैसी लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी।
वहीं अभिनेता पीयूष मिश्रा ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाकर नसीरुद्दीन से सवाल किए और कहा की वे अब चुप क्यों हैं। नसीर साहब आपने सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान कहा था कि जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वे बोल नहीं सकते। माफ कीजिएगा,आपसे पूछना चाहता हूं कि इस वक्त वो कौन कुत्ते हैं जिनके मुंह में हड्डी है और इस जेपीएससी पेपर लीक के छात्र प्रोटेस्ट पर चुप हैं.? बता दें पीयूष मिश्रा इन धरनारत्त छात्रों के बीच पहुंचकर अपना समर्थन दे कर आ चुके हैं।
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