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कांकेर। जिले में नौतपा और लगातार बढ़ते तापमान का असर वन्य जीवों और पक्षियों पर तेज गर्मी के कारण जीवित रहना मुश्किल हो गया है। जिले के सरोना क्षेत्र में बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत से ग्रामीणों में दहशत और चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ये चमगादड़ गर्मी और हीट स्ट्रोक की वजह से गिरकर मर रहे हैं। कई चमगादड़ उड़ते-उड़ते घरों में आकर गिर रहे हैं। पेड़ों के नीचे बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ पड़े हुए हैं। इन्हें कुत्ते भी नोच रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैल गई है। ग्रामीणों में अब संक्रमण और बीमारी फैलने का डर बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मृत चमगादड़ों के सुरक्षित निपटान और इलाके में दवा छिड़काव की मांग की है। साथ ही वन विभाग से वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की गई है। लगातार बढ़ती गर्मी और सूखते जल स्रोतों के कारण वन्य जीवों और पक्षियों का जीवन संकट में है। ऐसे में समय रहते कदम उठाना जरूरी हो गया है, ताकि बेजुबान जीवों को बचाया जा सके।
सरोना की ग्रामीण महिला खेमेश्वरी सिन्हा ने बताया कि विगत चार दिनों से लगातार चमगादड़ों की मौत हो रही है। हर दिन बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ मिल रहे हैं, जिससे लोग परेशान हैं। वहीं ग्रामीण जीवनलाल नेताम ने कहा कि इससे पहले कभी भी इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों के मरने का ऐसा दृश्य नहीं देखा गया है।
पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ रोशन साहू के अनुसार चमगादड़ और अन्य पक्षियों में तापमान सहन करने की क्षमता सीमित होती है। ये 38 से 39 डिग्री तक ही सामान्य रूप से रह पाते हैं। इससे अधिक तापमान होने पर उन्हें हीट स्ट्रोक हो सकता है, जिससे उनकी मौत हो जाती है।
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