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नई दिल्ली। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कोई फायरिंग नहीं हुई थी, और राहुल दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा बच्चों का इस्तेमाल कर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर सरकार को घेरने की कोशिश को गलत बताया और इसे 'झूठ का पुलिंदा करार दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि मासूम बच्चों का इस्तेमाल करके या उनके कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने की कोशिश कभी नहीं करनी चाहिए, जैसा कि राहुल गांधी कर रहे हैं। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं; उनकी कोई गलती नहीं है। आज जो बच्चे राहुल गांधी के साथ थे, उनसे मैं बहुत प्यार से कहना चाहता हूँ, निडर रहें... हम उस झूठी कहानी और 'झूठ के पुलिंदेÓ को बेनकाब करना चाहते हैं जिसे राहुल गांधी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, और उस चुनिंदा नज़रिए को भी जो उन्होंने अपनाया है। देश के बच्चों को निडर रहना चाहिए। जब भी आंदोलन या ऐसी किसी चीज़ की ज़रूरत पड़े, तो उनसे डरना नहीं चाहिए।
संबित पात्रा ने कहा कि मैं सा$फ तौर पर कहना चाहता हूँ कि मैं जो प्रेस कॉन्फ्रेंस या ब्रीफिंग अभी कर रहा हूँ, वह राहुल गांधी के लिए है, उन बच्चों के लिए नहीं; आखिर बच्चे तो बच्चे ही होते हैं। वे हमारे देश का भविष्य हैं। उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहले, मैं फिर से वही बात दोहराना चाहता हूँ जो बीजेपी ने इसी मंच से और सदन के बाहर भी सा$फ तौर पर कही है कि 20 तारीख को दिल्ली में 'संसद तक मार्च विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चली थी... हमने उस समय भी पूरी जि़म्मेदारी के साथ यही बात कही थी, क्योंकि यह एक संवेदनशील मामला है।
पात्रा ने आगे कहा कि झारखंड के बच्चे भी बच्चे ही हैं। वे भी विरोध कर रहे हैं। राहुल गांधी को झारखंड के कुछ बच्चों से भी बात करनी चाहिए। उन्हें उनका दर्द और तकली$फ समझनी चाहिए... इस चुनिंदा रवैये के कारण, जहाँ झारखंड के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है, राहुल गांधी इस मुद्दे को अपनी सुविधा के अनुसार दबा रहे हैं। वे झारखंड क्यों नहीं जा रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी का यह कहना कि अमित शाह सदन में नहीं आ रहे हैं... राहुल जी, क्या आप सदन को चलने भी दे रहे हैं?... राहुल गांधी और उनके सांसद इतना हंगामा करते हैं कि सदन को दो मिनट के भीतर ही स्थगित करना पड़ता है... जिस विभाग पर चर्चा हो रही होती है, उसके प्रभारी मंत्री हमेशा मौजूद रहते हैं। जब गृह मंत्री के विभाग पर चर्चा होती है, तो वे निश्चित रूप से मौजूद रहते हैं, और असल में, वे मौजूद हैं भी।
पात्रा ने हमला जारी रखते हुए कहा कि दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर नैरेटिव बनाने की यह कोशिश राजनीति में सही नहीं है... मुस्कान नाम की युवती के बारे में... चाहे आप मुस्कान शर्मा हों या मुस्कान खान, आप हमारे देश की बेटी हैं। यह देश 'सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास की सामूहिक कोशिश से आगे बढ़ता है। इसलिए, राहुल गांधी ने जो बांटने वाला एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश की है, वह बहुत गलत है... कभी यह न सोचें कि कोई इस देश के बच्चों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहा है।
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