CNIN News Network

बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा

02 Jun 2026   8 Views

बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा

Share this post with:


00 मुख्यधारा में लौटे 113 युवाओं के जीवन में आया नया सवेरा, 5G कनेक्टिविटी और खेलों से संवर रहा भविष्य
रायपुर। नक्सलवाद के दंश को पीछे छोड़ छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अब बदलाव की एक नई और बेहद खूबसूरत इबारत लिख रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित जिला पुनर्वास केंद्र में रह रहे 113 आत्मसमर्पित युवाओं (42 महिलाएं और 71 पुरुष) के जीवन में वास्तव में नया सवेरा आ चुका है। कभी जंगलों में भटकने और हाथों में घातक हथियार थामने वाले ये युवा अब न सिर्फ समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, बल्कि पुनर्वास केंद्र के परिसर में पहली बार इनके द्वारा लगाए गए भारत माता की जय के नारे सुकमा के बदलते और सुरक्षित होते भविष्य की गवाही दे रहे हैं।
अनुशासित दिनचर्या और कौशल विकास पर जोर
पुनर्वास केंद्र में इन युवाओं की दिनचर्या अब पूरी तरह अनुशासित, सुरक्षित और रचनात्मक हो चुकी है। सुबह उठकर बागवानी (गार्डनिंग) और साफ-सफाई करने के बाद सभी युवा मिल-जुलकर नाश्ता और भोजन तैयार करते हैं। प्रशासन ने इनके बौद्धिक विकास के लिए दो विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की है, जो इन्हें प्रतिदिन सुबह-शाम अक्षर ज्ञान, बुनियादी गणित और अंग्रेजी सिखाते हैं। समाज का वैध और सम्मानित हिस्सा बनाने के लिए प्रशासन कलेक्ट्रेट के सिंगल विंडो रूम के माध्यम से इन सभी के आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड और वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज प्राथमिकता से बनाया जा रहा है। इसके साथ ही इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) भी दी जा रही है।

बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा


अत्याधुनिक हथियारों की जगह हाथों में आई वॉलीबॉल
प्रशासन की इस मानवीय पहल का सबसे खूबसूरत रंग खेल और मनोरंजन के मैदान में देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप, जब इन पूर्व नक्सलियों से उनके मनोरंजन और खेल की पसंद पूछी गई, तो सबसे ज्यादा रुझान वॉलीबॉल के प्रति दिखा। इसके बाद प्रशासन ने केंद्र में खेल प्रतियोगिता की शुरुआत की, जिसमें युवक-युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कभी अत्याधुनिक हथियार संभालने वाले इन हाथों में जब वॉलीबॉल आई, तो मैदान पर उनकी खेल प्रतिभा और किक देखकर हर कोई हैरान रह गया। ओयाम जोगा, वेको हुंगा और सोड़ी सोमड़ी जैसे युवा अब खेल के मैदान में अपना जौहर दिखाकर बेहद खुश और उत्साहित हैं।
डिजिटल युग से जुड़ाव मनोरंजन के साथ मिले 5G स्मार्टफोन
दिनभर की रचनात्मक गतिविधियों और खेल के बाद शाम को सभी युवा संगीत कक्ष में सुर-ताल मिलाते हैं, जिससे उनका भरपूर मनोरंजन होता है। वर्तमान डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए जिला प्रशासन ने इन युवाओं को 5G स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए हैं। इस आधुनिक तकनीक के जरिए देश-दुनिया की खबरों से कटे रहने वाले ये युवा अब समकालीन समाज और नई जानकारियों से सीधे जुड़ पा रहे हैं।
पुनर्वास का एक अनुकरणीय मॉडल
सुकमा जिला पुनर्वास केंद्र का यह मानवीय और विकासात्मक मॉडल साबित करता है कि यदि सही दिशा, उचित संसाधन और संवेदनशीलता मिले, तो मुख्यधारा से भटके हुए युवाओं को भी परिष्कृत कर देश की प्रगति का मजबूत स्तंभ बनाया जा सकता है।

Share this post with:

AD R.O. No. - 13843/16

POPULAR NEWS

© 2022 CNIN News Network. All rights reserved. Developed By Inclusion Web