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00 मुख्यमंत्री साय के सुशासन में जिले के 97 हजार से अधिक परिवारों को मिली पक्की छत, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का सपना हुआ साकार
विशेष लेख : सुनील कुमार त्रिपाठी सहायक संचालक, जनसंपर्क व श्रीमती नूतन सिदार सहायक संचालक, जनसंपर्क
रायपुर। किसी भी परिवार के लिए अपना घर केवल ईंट, सीमेंट और दीवारों से बनी संरचना नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य का आधार होता है। वर्षों तक कच्चे मकानों में अभावों और कठिनाइयों के बीच जीवन बिताने वाले परिवारों के लिए पक्की छत का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता से प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशहाली का नया अध्याय लिख रही है। विशेष रूप से जनजातीय बहुल जशपुर जिले में यह योजना सामाजिक और आर्थिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में जशपुर जिले के हजारों परिवारों को पक्का आशियाना मिला है। कभी बारिश में टपकती छतों और कमजोर दीवारों के बीच रहने वाले परिवार आज अपने पक्के मकानों में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जिले में अब तक 1 लाख 12 हजार 922 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 97 हजार 165 आवास पूर्ण हो चुके हैं। यह उपलब्धि केवल आवास निर्माण के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन और उनके सपनों के साकार होने की कहानी भी है।
कच्चे मकानों की परेशानियों से मुक्ति, पक्की छत ने दिया सुरक्षा और सम्मान का भरोसा
जशपुर जिले के दूरस्थ वनांचलों और ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक परिवार वर्षों से कच्चे मकानों में रहने को मजबूर थे। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकना, दीवारों में सीलन आना और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की चिंता उनके जीवन का हिस्सा थी। गर्मियों की तपन और सर्दियों की ठिठुरन भी इन परिवारों की कठिनाइयां बढ़ाती थीं। सीमित आय और आर्थिक संसाधनों के अभाव में स्वयं का पक्का मकान बनाना उनके लिए एक अधूरा सपना था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने ऐसे परिवारों को नई उम्मीद दी है। पक्का मकान मिलने से न केवल मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिली है, बल्कि परिवारों में आत्मविश्वास और स्थिरता की भावना भी मजबूत हुई है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित आवास बेहतर जीवन की बुनियाद बन रहा है। आवास के साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में आवास निर्माण को मिली नई गति
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। सरकार की मंशा है कि पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास का लाभ मिले और कोई भी जरूरतमंद परिवार केवल आर्थिक अभाव के कारण पक्की छत से वंचित न रहे। जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1 लाख 12 हजार 922 आवासों की स्वीकृति और 97 हजार 165 आवासों का निर्माण पूर्ण होना इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन आवासों के माध्यम से हजारों परिवारों को स्थायी आशियाना मिला है। पक्का मकान मिलने से परिवारों की आवास संबंधी असुरक्षा कम हुई है और वे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका जैसी अन्य आवश्यकताओं पर बेहतर ध्यान दे पा रहे हैं।
पीएम-जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
जनजातीय बहुल जशपुर जिले में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। इस योजना के अंतर्गत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को सुरक्षित आवास सहित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में वर्ष 2023 से 2025 के दौरान पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत 2,113 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,626 से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। योजना से विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। वर्षों से कच्चे मकानों में रहने वाले इन परिवारों को अब पक्की छत के रूप में सुरक्षा और सम्मान का नया आधार मिल रहा है। पीएम-जनमन का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩा भी है। इसके अंतर्गत स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पोषण, सड़क, दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका के अवसरों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। इस प्रकार यह अभियान जनजातीय परिवारों के समग्र विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पहारु राम की कहानी : कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का सफर
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंड्रापाठ निवासी श्री पहारु राम की कहानी प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के सकारात्मक प्रभाव का उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मकान में जीवन बिताने वाले पहारु राम और उनके परिवार को बारिश, ठंड और गर्मी के मौसम में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने से उनका सपना साकार होने का रास्ता खुला। योजना के सहयोग से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ और अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित आवास में निवास कर रहे हैं। पहारु राम जैसे अनेक परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि जीवन में नई शुरुआत का अवसर बन रही है।
आवास प्लस 2.0 से छूटे हुए परिवारों तक पहुंचेगी पक्के घर की उम्मीद
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र परिवारों को भी योजना के दायरे में लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से जशपुर जिले में आवास प्लस 2.0 के अंतर्गत व्यापक सर्वेक्षण किया गया है। जिले में अब तक 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का पुन: सर्वेक्षण किया गया है। सर्वेक्षण में शामिल परिवारों को निर्धारित पात्रता, प्राथमिकता और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना से लाभान्वित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद परिवारों की पहचान करना है, जो पूर्व में किसी कारणवश आवास योजना के दायरे में शामिल नहीं हो पाए थे। आवास प्लस 2.0 के माध्यम से आवासहीन और कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इससे आने वाले समय में और अधिक परिवारों के पक्के आवास का सपना साकार होने की उम्मीद मजबूत हुई है।
पक्का आवास बना सामाजिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार
प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभाव केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है। पक्का आवास परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता प्रदान करता है। सुरक्षित घर में रहने से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है, महिलाओं को घरेलू कार्यों में सुविधा होती है और बुजुर्गों को अधिक सुरक्षित आवासीय परिवेश उपलब्ध होता है। आवास निर्माण से स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री, परिवहन और श्रम की मांग भी बढ़ती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन मिलता है। इस प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना व्यक्तिगत परिवारों के साथ ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
सुशासन से समृद्धि की ओर बढ़ता जशपुर, हजारों परिवारों के जीवन में आई नई खुशहाली
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में जशपुर जिले में आवास निर्माण की उपलब्धियां गरीब कल्याण के संकल्प को साकार कर रही हैं। जिले में 97 हजार से अधिक पूर्ण आवास हजारों परिवारों के जीवन में आए बदलाव के प्रतीक हैं। वहीं पीएम-जनमन के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विकास का लाभ पहुंच रहा है और आवास प्लस 2.0 से छूटे हुए पात्र परिवारों को भी योजना से जोडऩे की दिशा में प्रयास जारी हैं।
कभी जिन परिवारों के लिए पक्की छत एक दूर का सपना थी, आज उनके आंगन में खुशहाली और भविष्य के प्रति नया विश्वास दिखाई दे रहा है। जशपुर में बन रहे ये पक्के आशियाने केवल मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की उम्मीदों, आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जशपुर जिला आवासीय सुरक्षा, सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
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