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00 अपना आशियाना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद है, राहत है, रोशनी और खुशी
00 ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना का दिखाई दे रहा कारगर असर
00 प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अतंर्गत 26 लाख से अधिक परिवारों को पक्के आवास की सौगात
00 प्रथम कैबिनेट में आगे बढ़ाए गए 18 लाख 12 हजार आवास, ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लगभग 11 लाख 78 हजार आवास पूर्ण
00 आवास प्लस 2.0 के नए सर्वे अंतर्गत भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को करीब 3.65 लाख नए आवासों का मिला लक्ष्य
00 प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अतंर्गत 2 लाख 43 हजार स्वीकृत आवासों में से 2 लाख 22 हजार आवास हुए पूर्ण
लेखक - डॉ. उषा किरण बड़ाईक, संयुक्त संचालक, जनसम्पर्क
रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की अद्भुत मिसाल है। परिवर्तन की यह बयार ग्रामीण क्षेत्रों में आमूलचूल बदलाव लेकर आ रही है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में दूर दराज क्षेत्रों तक पक्के आवास दिखाई देने लगे हैं और व्यापक पैमाने पर प्रधानमंत्री आवास योजना का कारगर असर दिखाई दे रहा है। ऐसे परिवर्तन के बहुत मायने हैं। यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद है, राहत है, रोशनी और खुशी है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास मिलने पर जनमानस के जीवन स्तर का उन्नयन हुआ है और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनी है। राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतरीन क्रियान्वयन करने के लिए शिद्दत से कोशिश की गई है। जिंदगी भर अपने पक्के आवास का सपना देखने वाले गरीब एवं जरूरतमंद परिवार थोड़ी-थोड़ी बचत करते हैं लेकिन फिर भी अपना पक्का घर बनाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। ऐसे में जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का संबल मिला तो उन्हें अपने घर के सपने को पूरा करने का हौसला मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लोकहितैषी योजनाओं से जनसामान्य को बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। पक्का आवास मिलने पर जनसामान्य को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सम्मानजनक जीवन जीने का आधार मिला है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
प्रथम कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 18 लाख 12 हजार जरूरतमंद परिवारों को पीएम आवास देने को निर्णय लिया गया। अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत हुए है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 11 लाख 78 हजार आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। आत्मसमर्पित नक्सल और नक्सल पीडि़तों के लिए विशेष परियोजना से 15000 आवासों की स्वीकृति केंद्र शासन से मिली। जिनमें से राज्य में 5600 आवास स्वीकृत हुए। मुख्यमंत्री आवास योजना के अतंर्गत 47 हजार हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृत किए गए थे। नवीन सरकार गठन के बाद इस श्रेणी के 39000 आवास स्वीकृत किए गये। जिसमें 24000 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वर्ष 2024 का नया सर्वे वर्ष 2024 में आवास प्लस 2.0 का नया सर्वे किया गया। 11 सितंबर 2026 को भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को करीब 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य मिला है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
प्रधानंमत्री आवास योजना शहरी अतंर्गत 2 लाख 43 हजार स्वीकृत आवासों में से 2 लाख 22 हजार आवास पूर्ण हुए हैं। जिनमें से पूर्ण आवासों में बीएलसी घटक के 1,93,175 आवास एवं पूर्ण आवासों में एएचपी घटक के 29,267 आवास हैं।
पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अंतर्गत राज्य की प्रगति
बीएलसी घटक के अतंर्गत 75,709 आवास पूर्ण किए गए। वहीं एएचपी घटक के 13,082 आवास पूर्ण हुए हैं। जिनमें से एएचपी घटक में 14,687 हितग्राहियों को आवास आबंटित किया गया है। एएचपी घटक में 12,530 हितग्राहियों का पूर्ण आवासों में व्यवस्थापन किया गया है। आवास निर्माण हेतु नगरीय निकायों को 909 करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) के तहत क्षेत्रों में 1.32 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी अतंर्गत सभी शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे अभियान निरंतर जारी है। इसके लिए तकनीक आधारित सर्वे और तेज़ स्वीकृति प्रक्रिया के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 अतंर्गत 71,416 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 4,129 आवास पूर्ण हुए हैं, वहीं 25,165 आवास निर्माणाधीन हैं। इसके लिए नगरी निकायों को 533.93 करोड़ की राशि जारी की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसामान्य वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में जीवन व्यतीत करते रहे हैं। बारिश के दिनों में विभिन्न तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। टपकती छत, दीवारों में सीलन, गर्मी और ठंड से बचाव की कठिनाइयां तथा असुरक्षित आवास जैसी समस्याएं रही हैं। ऐसे परिवारों के लिए पक्का मकान केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन में स्थायी बदलाव का माध्यम है। बुनियादी सुविधाएं सामाजिक आर्थिक परिवर्तन लेकर आ रही हैं। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत जनसामान्य को स्वच्छ पेयजल, राशन, गैस चूल्हा व सिलेंडर, बिजली, शौचालय, जैसी अन्य सुविधाएं मिलने पर आवास की महत्ता एवं उपयोगिता बढ़ जाती है एवं जीवन स्तर में उन्नयन विकास की दिशा में अग्रसर है।
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