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00 छत्तीसगढ़ में वजूद के लिए जूझते बघेल अब पंजाब में कांग्रेस की लुटिया डुबाने में लगे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनता द्वारा बुरी तरह नकारे जाने के बाद अपना राजनीतिक वजूद बचाने के लिए जूझ रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब पंजाब में भी कांग्रेस की बची-कुची कश्ती को डुबाने में जुट गए हैं। पंजाब कांग्रेस के कार्यक्रमों में हुए भारी हंगामे और सिर-फुटौव्वल पर करारा प्रहार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने कहा कि भूपेश बघेल कांग्रेस के लिए अशुभ साबित हुए हैं; उन्हें आलाकमान ने जहाँ-जहाँ की कमान सौंपी, वहाँ-वहाँ पार्टी का पूरी तरह बण्टाढार ही हुआ है।
पाण्डेय ने कहा कि हाल ही में पंजाब के पटियाला और संगरूर में हुए कांग्रेस के कार्यक्रमों में भूपेश बघेल और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी के बावजूद कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी और गुटबाजी का नजारा पेश किया। जो नेता अपने सामने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अनुशासित नहीं रख सकते, वह पंजाब में पार्टी को एकजुट करने का झूठा छलावा कर रहे हैं। पाण्डेय ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बघेल की कुलजमा राजनीतिक हैसियत सिर्फ और सिर्फ एक विशेष परिवार की परिक्रमा और खुशामद करने तक ही सीमित रह गई है। छत्तीसगढ़ की देवतुल्य जनता ने उनके कुशासन, भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी का जवाब देकर उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया। अब छत्तीसगढ़ में अपना जनाधार खो चुके बघेल को दिल्ली आलाकमान ने पंजाब की लुटिया डुबाने की जिम्मेदारी दे दी है।
पाण्डेय ने कहा कि पंजाब में भी बघेल की उपस्थिति में ही चन्नी समर्थकों का हंगामा और गुटबाजी यह स्पष्ट दर्शाती है कि कांग्रेस एक डूबता हुआ जहाज है। जहाँ भी भूपेश बघेल प्रभारी या पर्यवेक्षक बनकर कदम रखते हैं, वहाँ कांग्रेस का आंतरिक कलह और तेजी से भड़क उठता है। पाण्डेय ने चुटकी लेते हुए कहा कि अपनी बची-खुची साख बचाने के लिए बघेल अब पंजाब में अनुशासनहीनता पर पार्टी से निकालने की गीदड़ धमकियाँ दे रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और उसके प्रतिनिधि स्वयं पूरी तरह दिशाहीन हो चुके हैं। पंजाब की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में कांग्रेस को वहाँ से भी पूरी तरह उखाड़ फेंकेगी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पाण्डेय ने कहा कि भूपेश बघेल गांधी परिवार की मेहरबानी पर राजनीति में टिके हुए हैं। बघेल को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की कोई नेता पसंद नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए छत्तीसगढ़ में वन मैन शो का कार्य करने वाले बघेल को पंजाब प्रदेश का प्रभारी तो बना दिया लेकिन पंजाब में कांग्रेस पार्टी को संगठित करने के बजाय वहाँ पर विद्रोह की आग भड़का रहे हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेसी एक समय नारा लगाते थे- भूपेश है तो भरोसा है; लेकिन अब वही कांग्रेसी नारा लगा रहे हैं- भूपेश है जहाँ, विरोध है वहाँ। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रहते हुए बघेल अपने ही मंत्रियों का विरोध करते नजर आए! तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम से उनका जरा भी तालमेल नहीं था। पाण्डेय ने कहा कि अपने ही कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल कहने वाले बघेल आज कांग्रेस में अपना वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज सहित कोई भी कांग्रेसी नेता उनके साथ नहीं है। युवा कांग्रेस के चुनाव में भी बघेल ने अपनी पसंद का उम्मीदवार उतारा था, लेकिन उसे उनके सबसे भरोसेमंद कांग्रेसी विधायक देवेंद्र यादव ने विरोध करते हुए अपना प्रत्याशी युवा कांग्रेस अध्यक्ष के लिए खड़ा कर दिया। बघेल अपने राजनीतिक वजूद को बचाने अब गांधी परिवार के इशारों पर काम करने लगे हैं।
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