Share this post with:
रायपुर। तकनीक का सकारात्मक उपयोग अब समाज के सबसे वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को भी सरल और सम्मानजनक बना रहा है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा ने पेंशन सत्यापन की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और त्वरित बना दिया है। इसका लाभ प्रदेश के हजारों बुजुर्गों के साथ-साथ लाभार्थी श्रीमती गौती बाई को भी निरंतर मिल रहा है।
पहले वृद्धजनों को प्रत्येक वर्ष जीवित प्रमाण-पत्र जमा कराने के लिए शासकीय कार्यालयों और बैंकों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अधिक उम्र और शारीरिक असुविधाओं के कारण यह प्रक्रिया उनके लिए काफी कठिन होती थी। लेकिन अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा ने इस परेशानी को लगभग समाप्त कर दिया है। श्रीमती गौती बाई प्रतिवर्ष समय पर लाभार्थी सत्यापन एप्लीकेशन के माध्यम से अपना डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र दर्ज कराती हैं। डिजिटल सत्यापन पूर्ण होने के बाद उनकी पात्रता का सत्यापन सहजता से हो जाता है और उन्हें बिना किसी बाधा के नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन की राशि प्राप्त होती रहती है।
गौती बाई बताती हैं कि अब उन्हें जीवित प्रमाण-पत्र के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। समय पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट दर्ज होने से उनकी पेंशन नियमित रूप से खाते में पहुंच जाती है, जिससे दवाइयों, दैनिक आवश्यकताओं और अन्य घरेलू खर्चों की व्यवस्था आसानी से हो जाती है। इससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ आत्मसम्मान का भी अनुभव होता है। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जैसी अभिनव पहल सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। यह व्यवस्था न केवल पेंशन वितरण प्रणाली को मजबूत कर रही है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार की यह डिजिटल पहल बुजुर्गों के जीवन में सुविधा, विश्वास और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है।
Share this post with:
21 Aug 2026 10 Views
21 Aug 2026 18 Views
21 Aug 2026 25 Views
21 Aug 2026 16 Views
20 Aug 2026 184 Views
20 Aug 2026 25 Views